जेईएसटी में भानु प्रताप पूरे देश में 49वीं रैंक लाने में सफल रहे। उन्हें देश के दो प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने का ऑफर मिला है। भानु प्रताप वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं
-
Komal Negi
-
Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Bhanu Pratap Chauhan of Chamoli secured 49th rank in JST
चमोली: सरकारी स्कूल का जिक्र होते ही हमारी नजरों के सामने एक बदहाल सी बिल्डिंग की तस्वीर घूम जाती है। इनमें पढ़ने वाले बच्चों को अक्सर कमतर आंका जाता है, लेकिन ये पूरा सच नहीं है। सच ये है कि अगर मन में लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो तमाम चुनौतियों को पार कर सफलता हासिल की जा सकती है। अब चमोली के भानु प्रताप चौहान को ही देख लें। पहाड़ के इस होनहार छात्र ने जेईएसटी यानी ज्वाइंट एंट्रेंस स्क्रीनिंग टेस्ट में ऑल इंडिया लेवल पर 49वीं रैंक हासिल की है। उन्हें देश के दो प्रतिष्ठित विज्ञान संस्थाओं में एंट्री कर पढ़ने का ऑफर मिला है। इस उपलब्धि पर उनके स्कूल सहित क्षेत्र में खुशी की लहर है। भानु प्रताप चमोली जिले के आलकोट गांव के रहने वाले हैं, वर्तमान में उनका परिवार श्रीनगर में रहता है। भानु प्रताप की पढ़ाई यहीं के राजकीय इंटर कॉलेज से हुई। जेईएसटी में भानु प्रताप पूरे देश में 49वीं रैंक लाने में सफल रहे।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: सेटेलाइट बनाना सीखेंगे 8वीं 9वीं के छात्र, 5 जिलों से शुरुआत
इसी के तहत भानु को देश के दो संस्थान टीआईएफआर (टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान) हैदराबाद और एचआरआई (हरीश चंद्र अनुसंधान संस्थान) प्रयागराज ने इंटीग्रेटेड एमएससी-पीएचडी करने का ऑफर दिया है। इससे पूर्व उनका चयन जेम के जरिए एनआईटी राउरकेला, उड़ीसा में एमएससी वायुमंडल विज्ञान के लिए भी हो चुका है। भानु के पिता महावीर चौहान श्रीनगर, एसएसबी (सीटीसी सेंटर) में एसआई के पद पर कार्यरत हैं। महावीर चौहान ने बताया कि भानु ने 10वीं तक की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर श्रीकोट से की, जबकि 12वीं उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर से किया। भानु प्रताप ने हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने इसी साल 25 जुलाई को JEST की परीक्षा दी थी। जिसमें वो सफल रहे। भानु प्रताप भविष्य में वैज्ञानिक बनकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। राज्य समीक्षा टीम की तरफ से उन्हें बधाई। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।