हरिद्वार के रुड़की में अबतक कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई बेकसूर पुजारी और सेवादार हत्यारों की बलि चढ़ रहे हैं, आखिर यह कबतक चलेगा?
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Mandir sewadar murder in bhagwanpur haridwar
रुड़की: क्या असुरक्षित हैं हमारे मंदिर और मंदिर में काम करने वाले पुजारी और सेवादार? यह एक अहम सवाल है जो कि दिन-प्रतिदिन मन्दिरों के पुजारियों और सेवादारों के हत्या की बढ़ती हुई घटनाएं तो इसी ओर इशारा करती हैं।दस साल के दौरान रुड़की व आसपास के क्षेत्र में आबादी क्षेत्र के बाहर बने मंदिरों में कई साधुओं और सेवादारों की हत्या हो चुकी है। लक्सर रोड पर कई साल पहले मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई थी। इसी तरह से भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में आबादी से दूर स्थित एक मंदिर में सेवादार की हत्या कर दी गई थी। उत्तराखंड के हरिद्वार में मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर गांव से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आ रही है। मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर गांव में मंदिर के सेवादार की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। बता दें कि सेवादार का शव कई दिनों तक कमरे में बंद रहा। जब ग्रामीणों को कमरे से बदबू आने लगी तो उन्होंने इस बात की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने कुंडी खोलकर देखा तो लोगों के होश उड़ गए क्योंकि अंदर मंदिर के पहरेदार का शव सड़ी-गली अवस्था में पड़ा हुआ था। पुलिस द्वारा यह आशंका जताई जा रही है कि सेवादार के प्राइवेट पार्ट पर सरिए से करंट देकर उसकी हत्या की गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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बता दें कि मंदिर का सेवादार तकरीबन 1 हफ्ते तक गायब रहा और इस बात पर ग्रामीणों ने भी गौर नहीं किया। एक हफ्ते तक सेवादार का शव कमरे में सड़ता रहा। हफ्ते भर के बाद मौत का पता लग सका। वहीं पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और सेवादार के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता लग पाएगा। नसीरपुर गांव में स्थित एक मंदिर में उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले पुजारी कालू दास मुख्य पुजारी हैं। डेढ़ महीने पहले वे अपने गांव चले गए थे बता दें कि मंदिर की सेवा के लिए मंदिर के मुख्य पुजारी ने डेढ़ माह पहले अपने ही जानकार बाबा सुखराम को भेज दिया था जो कि मंदिर की देखरेख कर रहा था। मंदिर आबादी से थोड़ा दूर होने के कारण ग्रामीणों की बाबा सुखराम से इतनी बोलचाल नहीं थी। तकरीबन सप्ताह भर से सुखराम का अता-पता नहीं लग सका मगर ग्रामीणों ने इस बात की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया।
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बीते शुक्रवार की शाम को ही कुछ ग्रामीण मंदिर के पास बने कमरों में खड़े थे कि तभी उनको एक कमरे से बदबू आने लगी। जब ग्रामीणों ने कमरे को खोलने की कोशिश की तो कमरे को बाहर से बंद कर कुंडी लगी हुई थी। अनहोनी की आशंका होने पर ग्रामीणों ने तुरंत ही पुलिस को इस बारे में सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कुंडी को खोल कर देखा तो सेवादार का शव सड़ा-गला पड़ा हुआ था। हादसे के बाद से ही ग्रामीणों के बीच में कोहराम मच गया है। बता दें कि बाबा सुखराम के जांघ के पास में एक सरिए को तार से जुड़कर दीवार में लगे बिजली के स्विच से जोड़ा गया था। ऐसे में पुलिस आशंका जता रही है कि सेवाराम के प्राइवेट पार्ट पर सरिए से करंट देकर उसकी हत्या की गई है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि यह हत्या का मामला है। पुलिस जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।