मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में पूरे हफ्ते बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
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Komal Negi
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Heavy rainfall and snow fall alert in uttarakhand
चमोली: उत्तराखंड के लोग आफत की बारिश के थमने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा। बारिश के चलते भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस बीच चारधाम यात्रा भी शुरू हो गई है। खराब मौसम के चलते यात्रा में जोखिम बना हुआ है। मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में पूरे हफ्ते बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 20 सितंबर से 24 सितंबर तक प्रदेशभर में बारिश लगातार भिगोती रहेगी। आज देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए इन चारों जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को सभी 13 जिलों में बारिश के तीव्र दौर हो सकते हैं। इन जिलों में देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिला शामिल है। पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछार होने की संभावना है। इस तरह 24 सितंबर तक मौसम परेशानियां बढ़ाता रहेगा। ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है। खराब मौसम के अलर्ट को देखते हुए जगह-जगह टीमें भी तैनात कर दी गई है.
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ऊंची पहाड़ियों और चारधाम क्षेत्र में हल्की बर्फबारी की वजह से मौसम ठंडा भी हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले हफ्ते में लगभग हर दिन बारिश के आसार हैं। उत्तराखंड की ऊंची पहाड़ियों, चारधाम क्षेत्र, पिथौरागढ़ और मुनस्यारी इलाके में हल्की बर्फबारी मौसम को सर्द बना सकती है। वहीं देहरादून में दोपहर बाद मौसम बदल गया और बारिश शुरू हो गई। प्रदेश में जारी बारिश के बीच सोमवार को चमोली जिले में बादलों ने कहर बरपाया। पंती कस्बे में बादल फटने से मंगरीगाड़ बरसाती नाला उफान पर आ गया। तेज बहाव में कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे के पास लगी बीआरओ के मजदूरों की झोपड़िया बह गईं। जब मलबा आया तो मजदूर झोपड़ियों के अंदर थे। इस दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों और महिलाओं को बचा लिया। मौके से तबाही की डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची हुई है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है।