उत्तराखंड: 4 दिन ट्रैकिंग कर सतोपंथ पहुंचे अंबानी के बेटे, ली सुकून की सांस

जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अंशुल अंबानी कोरोना महामारी के बीच सुकून के पल बिताने के लिए सतोपंथ पहुंचे
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Satopanth anshul Ambani: Anshul Ambani in satopanth
Image: Anshul Ambani in satopanth

चमोली: वैश्विक कोरोना महामारी के कारण देशभर में मंदी की मार झेल रहा पर्यटन व्यवसाय अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है. बता दें की जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अंशुल अंबानी कोरोना महामारी के बीच सुकून के पल बिताने के लिए सतोपंथ पहुंचे. यहां उन्होंने कैंप लगाकर प्रकृति की गोद में दोस्तों के साथ सुकून के पल बिताए. उन्होंने एस्किमो एडवेंचर के सहयोग से इस ट्रेकिंग अभियान को चार दिन में पूरा किया. विपरीत परिस्थितियों वाले इस ट्रेक को आमतौर पर पांच से छह दिन में पूरा किया जाता है. बता दें कि सतोपंथ पैदल ट्रैक समुद्रतल से 4600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. सतोपंथ के पैदल ट्रैक की दूरी माणा गांव से 19 किलोमीटर है. यहां पहुंचने के लिए दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है. सतोपंथ अपनी खूबसूरती के लिए विश्वभर में विख्यात है. जिसे देखने के लिए ट्रैकिंग के शौकीन लोग सतोपंथ झील का दीदार करने सतोपंथ पहुंचते हैं.

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड पुलिस में नौकरी पाने का शानदार मौका, कांस्टेबल के पदों पर बंपर भर्ती
बदरीनाथ धाम में ट्रैकिंग कर रहे एस्किमो एडवेंचर के प्रबंधक दिनेश उनियाल का कहना है, कि दो वर्षों से पटरी से उतर चुका व्यवसाय एक बार फिर गति पकड़ रहा है. उद्योगपति अनिल अंबानी के पुत्र के सतोपंथ के भ्रमण पर आने से बाहरी क्षेत्र के पर्यटकों के लौटने की आस जगी है. उन्होंमे बताया की बीते 2 सालों से कोरोना महामारी की वजह से यहां की यात्रा में थोड़ी गिरावट जरूर आई है. इसके बावजूद भी कुछ लोग प्रकृति का आनंद लेने के लिए यहां पहुंच रहे हैं. साथ ही दिनेश उनियाल ने बताया कि अंबानी के बेटे और उनके दोस्तों का 25 सदस्यीय दल 23 सितंबर को यहां पहुंचा था. सभी ने चार दिन में रविवार को ट्रेकिंग पूरी कर ली. जय अंशुल अंबानी का कहना है की उत्तराखंड में कहीं स्वर्ग है तो वह सतोपंथ है. यहां आकर उनके मन को काफी शांति और सुकून मिला है साथ ही आपको बता दें की बदरीनाथ धाम में धीरे-धीरे तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है. सोमवार को 920 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए. तीर्थयात्री धाम में इन दिनों पितृ तर्पण के लिए पहुंच रहे हैं. साथ ही बदरीनाथ धाम में मौसम सामान्य बना है.