गढ़वाल के बाड़ाहोती में घुसे 100 से ज्यादा चीनी सैनिक, पुल तोड़कर चले गए!

खबरों के मुताबिक 30 अगस्त को बाड़ाहोती के पास 100 से अधिक चीनी सैनिक पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक कच्चा पुल तोड़ दिया। वो भारतीय सीमा में करीब पांच किलोमीटर तक अंदर घुस आए थे।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Chamoli chaina army Infiltration: Chaina army Pla Infiltration in barahoti sector chamoli
Image: Chaina army Pla Infiltration in barahoti sector chamoli

चमोली: चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बीते साल गलवान घाटी में चीन ने जो किया, उसे लेकर देशभर मे आज भी आक्रोश है। 15 जून को हुए सैन्य टकराव में भारत ने अपने 20 जांबाजों को खो दिया था। इस घटना के बाद से भारत-चीन सीमा पर चीनी सेना की असमामान्य गतिविधियों की खबर लगातार सामने आ रही है। अब चमोली जिले के बाड़ाहोती में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की खबर है। खबर है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने भारतीय सीमा में बाड़ाहोती क्षेत्र के पास बने एक पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि उत्तराखंड सरकार ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है। सीमा पर चीन की बढ़ती गतिविधियों ने राज्य की खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में टेंशन देने के बाद चीन ने उत्तराखंड के बाड़ाहोती इलाके को टारगेट किया है। बीती 30 अगस्त को बाड़ाहोती के पास 100 से अधिक चीनी सैनिक पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक कच्चा पुल तोड़ दिया। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: टिहरी बांध के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि, पहली बार 830 मीटर पहुंचा जलस्तर
वो भारतीय सीमा में करीब पांच किलोमीटर तक अंदर घुस आए थे। स्थानीय लोगों ने इस बारे में आईटीबीपी को पूरी जानकारी दी है। उनके मुताबिक कुछ सैनिक घोड़ों पर सवार थे और कुछ पैदल। भारतीय गश्ती दल (आईटीबीपी और सेना) के वहां पहुंचने से पहले ही चीनी सैनिक उस क्षेत्र को खाली कर लौट चुके थे। फिलहाल इसे लेकर आईटीबीपी और सेना की ओर से कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई। चमोली जिले में पड़ने वाला बाड़ाहोती ऐसा इलाका है, जो चीन सीमा से सटा है। एक वक्त था जब यहां घास के मैदानों में तिब्बती चरवाहों की चहलकदमी बनी रहती थी। पिछले कुछ समय से चीनी जवान यहां कई बार देखे गए हैं। वो इस इलाके में जगह-जगह घूमते नजर आते हैं। 30 अगस्त को भी बड़ी संख्या में चीनी जवान यहां आए थे। यहां भारतीय साइड में इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस यानी आईटीबीपी तैनात रहती है, जबकि सीमा पार चीनी सेना की चौकी है। चीन की इस करतूत को उकसाने वाली हरकत माना जा रहा है। इधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही है।