ऐथिरोस्क्लेरोसिस, उच्च रक्तचाप, तनाव, उच्च कोलेस्ट्रॉल आर्थराइटिस कैंसर जैसी बीमारियों को भगाता है.. संजय इन्हीं चावलों का अपने खेतों में कर रह हैं सफल उत्पादन-
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अनुष्का ढौंडियाल
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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: Sanjay Benicar black rice farming in bazpur
उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के खेतों में बाजपुर के किसान संजय कुमार बेनीवाल काला सोना लहलहा रहे हैं। संजय कुमार बेनीवाल ने काले चावल की खेती कर उत्तराखंड के किसानों को नई राह दिखाई है। उनकी पहली ही पैदावार में काले चावलों की अच्छी उपज हो गई है जिससे यह तो तय है कि यहां के वातावरण के हिसाब से यह धान हो सकता है। संजय बेनीवाल ने मणिपुर चाकों नाम की धान की प्रजाति का काला चावल बोया था। यह चावल शुगर फ्री और बीमारी रहित है। संजय ने बताया कि उन्होंने गोरखपुर यूनिवर्सिटी से 550 रुपये किलो के हिसाब से इस बीज के ट्रायल पैक मंगा कर उनको दो बीघा भूमि में बोया। क्या आप जानते हैं काले चावल सफेद चावलों की तुलना में अधिक हेल्दी और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं। अभी तक अनेक जगह हुए अध्ययन में 100 ग्राम काले चावल में कार्बोहाइड्रेट-34, प्रोटीन-8.7, आयरन-3.5,फाइबर-4.9 और प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया गया है।
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तमाम शोधों के बाद यह प्रमाणित हुआ है कि इस काले चावल के खाने से मोटापा कम होता है। गंभीर ऐथिरोस्क्लेरोसिस, उच्च रक्तचाप, तनाव, उच्च कोलेस्ट्रॉल, आर्थराइटिस, कैंसर और अन्य कई बीमारियों में यह चावल रामबाण साबित होता है। दिल को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए भी ये सहायक है। इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करते हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा करता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है। रह गए न काले चावल के गुणों को जानकर आप भी हैरान? अबसे इन चावलों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। उत्तराखंड के किसान संजय बेनीवाल भी इन चावलों का उत्पादन कर युवाओं को प्रेरणा दे रहे हैं।