कांग्रेस में शामिल होने जा रहे थे विधायक उमेश शर्मा काऊ, राहुल गांधी के आवास में आया सांसद अनिल बलूनी का फोन और काऊ टॉयलेट के बहाने आवास से हो गए फुर्र-
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Umesh sharma kau did not joined congress
देहरादून: उत्तराखंड में राजनीति के नाम पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जो दल-बदल का अखाड़ा चल रहा है वह बेहद मजेदार है। कांग्रेस, भाजपा की पिच ताबड़तोड़ बैटिंग कर रही है तो वहीं भाजपा भी कुछ कम नहीं है। प्रचण्ड बहुमत वाली भाजपा को कांग्रेस पार्टी लगातार सदमा दे रही है। भाजपा भी कोशिश कर रही है कि विपक्षी पार्टी से ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने पाले में लाया जाए। कांग्रेस भी इसी पर जबरदस्त राजनीति कर रही है। यशपाल आर्य और संजीव आर्य को तो कांग्रेस घर वापसी कराने में कामयाब रही। मगर उमेश शर्मा काऊ की घर वापसी कराने में जरा सी चूक गई और विधायक उमेश शर्मा काऊ कांग्रेस के हाथ से निकल गए। अब ये पूरा किस्सा बड़ा ही मजेदार हुआ। एक न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक दरअसल राहुल गांधी के आवास पर भाजपा के विधायक उमेश शर्मा काऊ मौजूद थे। इसी बीच उनके पास सांसद अनिल बलूनी का फोन आया और फोन उठाकर टॉयलेट के बहाने विधायक उमेश शर्मा काऊ सीधा राहुल गांधी के आवास से बाहर चले गए। आगे पढ़िए
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न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक दरअसल राहुल गांधी से मुलाकात के बाद विधायक संजीव आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ और यशपाल आर्य को कांग्रेस वापसी करनी थी मगर इसी बीच अनिल बलूनी का फोन आने के बाद विधायक उमेश शर्मा काऊ टॉयलेट करने के बहाने बाहर गए और सीधा आवास से निकल पड़े। राहुल गांधी के आवास पर महासचिव वेणुगोपाल, प्रभारी देवेंद्र यादव, नेता प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, हरीश रावत और प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह आदि मौजूद थे और सभी 3 विधायकों के पार्टी वापसी कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त थे। इसी बीच विधायक उमेश शर्मा की फोन की घंटी बजी और उनकी बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी से हुई जिसके बाद विधायक उमेश शर्मा टॉयलेट के बहाने घर से बाहर निकले और उसके बाद वापस राहुल गांधी के आवास पर लौटे ही नहीं। उमेश शर्मा को लगातार फोन किया गया मगर जल्द ही कांग्रेस को यह समझ में आ गया कि उमेश शर्मा काऊ उनके हाथ से निकल चुके हैं और भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ को अपने पाले में रखने में कामयाब हो गई है। दरअसल कार्यक्रम में तीनों विधायकों की घर वापसी होनी तय हुई थी। मगर उमेश शर्मा काऊ के बिना बताए ही आवास से निकलने के बाद केवल यशपाल आर्य एवं संजीव आर्य की घर वापसी की घोषणा की गई।
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भारतीय जनता पार्टी को यह भनक लग गई थी कि तीन विधायक कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। ऐसे में सांसद अनिल बलूनी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मौका देखते ही उमेश शर्मा काऊ को फोन खड़काया और उनको पार्टी को छोड़कर ना जाने की बात कही। हालांकि उमेश शर्मा काऊ कांग्रेस में घर वापसी करने का पूरा मन बना चुके थे मगर राहुल गांधी को घर वापसी कर रहे भाजपा नेताओं से मुलाकात करने में थोड़ा विलंब हो गया तो बीच में काऊ को भाजपा नेताओं से संपर्क करने का मौका मिल गया और मौका देखकर ही भाजपा ने बाजी मार ली। सूत्रों का कहना है कि मंत्री बनने के चक्कर में उमेश शर्मा को कांग्रेस की दहलीज पर पहुंचे थे मगर भाजपा ने उनको यशपाल की खाली कुर्सी देने का भरोसा दिया। भले ही उमेश शर्मा काऊ की घर वापसी न होने देने में भाजपा सफल हुई है मगर कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्या और उनके बेटे संजीव आर्या के कांग्रेस में शामिल होने पर भाजपा बड़े सदमे में है।