उत्तराखंड शहीद विक्रम नेगी, 22 अक्टूबर को गांव आना था..तिरंगे में लिपटा आया पार्थिव शरीर

शहीद राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी के घर पर मचा कोहराम, 22 अक्टूबर को गांव में पूजा के लिए आने का किया था वादा, तिरंगे में लिपट कर आया पार्थिव शरीर
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Vikram singh negi tehri garhwal: Tehri garhwal shaheed Vikram singh negi
Image: Tehri garhwal shaheed Vikram singh negi

टिहरी गढ़वाल: सीमा पर देश की सेवा करने वाले जवानों की वजह से ही आज आप और हम सुरक्षित हैं, अपने-अपने घरों में हम परिवार के साथ समय व्यक्त कर पा रहे हैं। उत्तराखंड के कितने ही वीर सपूत सीमा पर देश के लिए शहादत दे चुके हैं। कल ही एक हृदयविदारक खबर आई। गुरुवार देर रात जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में उत्तराखंड के दो जवान शहीद हो गए। इनमें टिहरी निवासी राइफलमैन विक्रम सिंह और चमोली के सांकरी गांव निवासी राइफलमैन योगंबर सिंह शामिल हैं। उत्तराखंड के जवान और भारतीय सेना में तैनात राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी पुत्र साब सिंह नेगी अभी डेढ़ माह पहले ही ड्यूटी पर गए थे। 3 साल पहले उनकी शादी हुई थी। उन्होंने बीते बृहस्पतिवार शाम छह बजे व्हाट्सअप पर पत्नी और मां से बातचीत की थी और 22 अक्टूबर को गांव में आयोजित होने वाली पूजा में आने का वादा भी किया था।

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बेटे के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार की खुशियां मातम में बदल चुकी हैं। आखिर किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि इतनी कम उम्र में राइफलमैन विक्रम सिंह इस दुनिया को अलविदा कह देंगे और अपने परिवार को रोते-बिलखते हुए छोड़ देंगे।शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे यूनिट से विक्रम के शहीद होने की खबर ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। अपने पति की शहीद होने की खबर सुनते ही उनकी पत्नी पार्वती बेहोशी की हालत में पहुंच गईं। शहीद की मां और बुजुर्ग दादी के आंसूं भी थम नहीं रहे हैं। वहीं पोखरी तहसील के सांकरी गांव निवासी योगंबर सिंह (26) के शहीद होने की खबर मिलते ही पोखरी क्षेत्र में मातम पसर गया है। योगंबर सिंह के पार्थिव शरीर को सेना द्वारा सांकरी लाया जा रहा है। आज दोनों शहीदों को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा जहां सैनिक सम्मान के साथ शहीदों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।