विंटर लाइन एक अद्भुत घटना है। जो दुनिया में कुछ ही जगहों पर दिखाई देती है। लाल और नारंगी लाइन के तौर पर दिखने वाले इस जादू को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से मसूरी पहुंचते हैं।
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Komal Negi
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Winter line in mussoorie clear vision
देहरादून: पहाड़ की ठंडी हवा के बीच सुकून के कुछ पल, दूर तक फैले चीड़-देवदार के पेड़ और पर्वतों की ओट में छिपता शाम का सूरज...ये दृश्य सपने जैसा लगता है, लेकिन उत्तराखंड में ऐसी कई जगहें हैं, जहां ये सपना हर दिन, हर शाम सच होता है। पहाड़ों की रानी मसूरी ऐसी ही जगहों में से एक है, जहां इन दिनों विंटर लाइन का दुर्लभ नजारा देखने को मिल रहा है। इस मनमोहक दृश्य को देखने के के लिए देश के कोने-कोने से हजारों सैलानी मसूरी पहुंच रहे हैं। इन दिनों लगातार जारी बारिश के बीच मसूरी में शाम के समय आसमान में एक सीधी लाल रेखा दिखती है, जिसका नजारा शानदार होता है। प्रकृति की इस अनोखी कारीगरी को विंटर लाइन के नाम से जाना जाता है।
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मसूरी में अक्टूबर से लेकर फरवरी के बीच कभी-कभी सूर्यास्त के बाद ये अनोखा नजारा पश्चिम दिशा के आसमान में दिखाई देता है, जो लोगों को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है। विंटर लाइन के बारे मे कहा जाता है कि यह रेखा धूल के कणों से बनती है, जो शाम के समय धूल के अधिक ऊपर उठने के कारण इस पर पड़ने वाली सूरज की किरणों से चमक उठती है। धूल के कण जितने अधिक होते हैं, विंटर लाइन उतनी ही अधिक गहरी बनती है। अक्टूबर से फरवरी माह तक इस खूबसूरत विंटर लाइन को मसूरी से दून घाटी के ऊपर साफ देखा जा सकता है। दुनिया में विंटर लाइन का नजारा स्विट्जरलैंड, दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन और भारत में सिर्फ मसूरी में दिखाई देता है। हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक विंटर लाइन को देखने के लिए मसूरी आते हैं।