उत्तराखंड आपदा में अब तक 50 लोगों की मौत, नैनीताल में 4 लाशें बरामद..11 लापता

आपदा से नैनीताल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां खैरना में मार्ग बंद होने से 500 लोग कई घंटों से फंसे हुए हैं।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Uttarakhand aapda update: 50 people died due to heavy rain in uttarakhand
Image: 50 people died due to heavy rain in uttarakhand

नैनीताल: मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बहुत बुरा हाल है। सोमवार और मंगलवार को उत्तराखंड में आई आपदा में 50 लोगों की मौत हुई है। अभी-अभी ताजा जानकारी यह मिली है कि नैनीताल से 4 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा उत्तराखंड आपदा में अब तक 12 लोग घायल हैं, जबकि 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मूसलाधार बारिश के चलते कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नेचुरल डिजास्टर इंसीडेंट रिपोर्ट के अनुसार आपदा में नौ घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुल मिलाकर हर जगह से सिर्फ बुरी खबरें ही सुनने को मिल रही हैं। नैनीताल के ओखलकांडा ब्लॉक के थलाड़ी में एक मकान के धराशायी होने से वहां रह रहे छह लोगों के दबने की खबर है। इनकी खोजबीन के लिए धारी एसडीएम योगेश सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम राहत-बचाव अभियान चला रही है। एसडीएम ने बताया कि सड़क बंद और नेटवर्क न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा से नैनीताल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां खैरना में मार्ग बंद होने से 500 लोग बुधवार सुबह से फंसे हुए हैं।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड आपदा में अब तक 46 लोगों की मौत, उत्तरकाशी में 3 पोर्टर लापता
सेना के जवान आपदा प्रभावितों की मदद में जुटे हुए हैं। डोगरा बटालियन की एक टुकड़ी अल्मोड़ा-गरमपानी मार्ग में, एक टुकड़ी खैरना में और एक टुकड़ी कैंची धाम में राहत का कार्य कर रही है। खैरना में स्थित स्कूल में सेना के जवान फंसे हुए लोगों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं। साथ ही पीड़ित लोगों की मेडिकल जांच भी की जा रही है। उत्तरकाशी से लगी भारत-चीन सीमा पर तीन पोर्टरों के लापता होने की सूचना है। तीनों पोर्टर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम के साथ सीमा पर लंबी दूरी की गश्त के लिए रवाना हुए थे। आईटीबीपी ने इन पोर्टरों को तलाशने के लिए वायु सेना और राज्य आपदा प्रबंधन से मदद मांगी है। आईटीबीपी जवानों की टीम सर्च अभियान के लिए निकल गई है। बुधवार को राजधानी देहरादून सहित अधिकतर इलाकों में मौसम साफ बना हुआ है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। चारधाम यात्रा भी सुचारू है।