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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: उत्तराखंड में बीते दिनों भारी तबाही हुई। कई लोगों की मौत के बाद अब वैज्ञानिकों द्वारा एक बुरी खबर सामने आ रही है। बारिश का दौर थमने के बाद अब पहाड़ों पर जबरदस्त भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। जी हां, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश रुकने के बाद भूस्खलन का खतरा बरकरार रहता है। ऐसे में वैज्ञानिकों द्वारा यह आशंका जताई जा रही है कि उत्तराखंड में बरसात का दौर थमने के बाद और पहाड़ी इलाकों पर जबरदस्त भूस्खलन हो सकता है। उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा देखते हुए वैज्ञानिकों ने कहा है कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को थोड़ा अलर्ट रहने की जरूरत है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विक्रम गुप्ता के अनुसार उत्तराखंड भूस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील राज्यों में से एक है और यहां पर भूस्खलन की घटनाएं आम हैं मगर बरसात के समय भूस्खलन का खतरा कई गुना अधिक बढ़ जाता है।