उत्तराखंड चार धाम के प्राचीन रास्तों की तलाश शुरू, 50 दिनों तक 1200 Km घूमेगी टीम

चारधाम रूट पर प्राचीन और गुम हो चुके पैदल ट्रैक की खोजबीन के लिए 25 विशेषज्ञों की टीम हुई रवाना, 1200 किमी में 50 दिनों तक ढूढ़ेंगे रास्ते
Advertisement चारधाम यात्रा 2026 पैकेज बुकिंग शुरू! ये ऑफर मिस किया तो पछताओगे

चारधाम यात्रा 2026 का सबसे सस्ता पैकेज? कीमत जानकर चौंक जाएंगे!

Example Ads Media
Char dham old tracks: Team searching old tracking routes of char dham uttarakhand
Image: Team searching old tracking routes of char dham uttarakhand

चमोली: उत्तराखंड सरकार अब केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम के पुराने पैदल ट्रैक खोजने के ऊपर फोकस कर रही है। चारों धाम तक पहुंचने के उन पुराने रास्तों को खोजा जा रहा है जिनका अस्तित्व अब मिट चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बीते सोमवार को इन प्राचीन मार्गों को खोजने के लिए 25 सदस्यों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह टीम 12 सौ किमी में 50 दिनों तक गुम हो चुके रास्तों को ढूंढेगी। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) ने ट्रैक द हिमालय के साथ मिलकर यह अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 25 विशेषज्ञों का दल चारधाम ट्रैक पर पुराने मार्गों को खोजने के लिए 1200 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करेगा। यह सफर 50 दिनों में तय किया जाएगा। दल द्वारा यह अभियान लगभग 50 दिनों तक चलाया जाएगा। यह दल पुराने चार धाम और शीतकालीन चार धाम मार्ग को खोजने का काम करेगा। सीएम धामी ने ट्रेकर्स को शुभकामनाएं देते हुए कल रवाना किया। सीएम धामी ने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है कि हमारे पास पुरानी पगडंडियों का पता लगाने के लिए एक युवा बल है। यह पहल हमारी सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने ट्वीट कर लिखा "आज चारधाम के पुराने मार्गों को खोजने के लिए 25 सदस्यों के दल को शुभकामनाएं देते हुए रवाना कर रहा हूँ। यह गर्व का क्षण है कि हमारे पास उत्तराखण्ड की पुरानी पगडंडियों का पता लगाने के लिए एक युवा बल है। यह हमारी सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: मौसम के लिहाज से राहत देंगे अगले 4 दिन, कुमाऊं की दो महत्वपूर्ण सड़कें भी खुली