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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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देहरादून: 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए आएंगे। सरकार पीएम के दौरे की तैयारी में जुटी है, लेकिन दौरे से ठीक पहले एक नई मुश्किल आन खड़ी हुई है। तीर्थ पुरोहित देवस्थानम बोर्ड (Uttarakhand Devasthanam Board) भंग करने की मांग पर अड़ गए हैं। इसे लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। देवस्थानम बोर्ड को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। आप के सीएम कैंडीडेट कर्नल अजय कोठियाल ने केदारनाथ पहुंच कर तीर्थ पुरोहितों को समर्थन देने की घोषणा की। इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हाल में देवस्थानम बोर्ड को रद्द करने के संकेत दिए हैं। अपने हालिया बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के संबंध में राज्य सरकार केंद्र सरकार से विचार विमर्श रही है। जल्द ही उचित निर्णय किया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करने वाली सरकार है। तीर्थों के पंडा, पुरोहित और पुजारियों के मान-सम्मान को कोई ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी।
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