पहाड़ के ग्वेलखान गांव की शांभवी को बधाई, NEET में पाई ऑल इंडिया 127 वीं रैंक

शांभवी के माता-पिता डॉक्टर हैं। कोरोना काल में डॉक्टर दंपति ने पहाड़ के दूरदराज के मरीजों की खूब मदद की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इलाज मुहैया कराया।
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Shambhavi gwelkhan neet: Almora gwelkhan shambhavi clears neet exam
Image: Almora gwelkhan shambhavi clears neet exam

अल्मोड़ा: उत्तराखंड की होनहार बेटी शांभवी खुल्बे ने NEET UG मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में सामान्य वर्ग में 93वां स्थान हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। डॉक्टर माता-पिता की ये होनहार बिटिया अब डॉक्टर बनेगी, देश और समाज की सेवा करेगी। शांभवी ऑल इंडिया रैंकिंग में 127वीं रैंक हासिल करने में सफल रहीं। उनकी सफलता से प्रदेश में खुशी की लहर है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। शांभवी खुल्बे का जन्म उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 18 अप्रैल 2004 को हुआ। वो मूलरूप से अल्मोड़ा के सीम ग्वेलखान गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान में हैदराबाद में रहती हैं। शांभवी ने 12वीं तक की पढ़ाई हैदराबाद में की। साथ ही नीट की तैयारी भी करती रहीं। कड़ी मेहनत का उन्हें शानदार फल भी मिला और शांभवी सामान्य वर्ग में 93वां स्थान हासिल करने में सफल रहीं।

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शांभवी के पिता डॉक्टर संजीव खुल्बे सीनियर कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन हैं। जबकि माता डॉक्टर अपर्णा सीनियर कंसल्टेंट मेडिसिन के पद पर कार्यरत हैं। डॉक्टर संजीव खुल्बे अभी हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. संजीव और डॉ. अपर्णा खुल्बे ने कोरोना काल में गरीब मरीजों की मदद के लिए सराहनीय कार्य किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहाड़ के गरीब मरीजों की हरसंभव मदद की। अब उनकी बेटी शांभवी भी डॉक्टर बन लोगों की सेवा करेगी। शांभवी हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करती रहती हैं। उन्हें किताबें पढ़ने का बहुत शौक है। वो माता-पिता के पदचिन्हों पर चलकर बड़ी डॉक्टर बनना चाहती हैं। ताकी गरीब और मजबूर लोगों का इलाज कर सकें। राज्य समीक्षा टीम की तरफ से शांभवी और उनके परिवार को शुभकामनाएं। आप भी बधाई देकर शांभवी का हौसला बढ़ाएं।