बारिश की वजह से पहाड़ कमजोर हो गए हैं, नतीजतन जगह-जगह वाहनों पर बोल्डर गिरने की घटनाएं हो रही हैं।
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Boulders fell on cars in Chamoli Suki
चमोली: आपदा की दृष्टि से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील राज्य है। इस बार उत्तराखंड ने मानसून के दौरान भीषण तबाही का सामना किया। यही नहीं मानसून के गुजर जाने के बाद भी बारिश काल बनकर बरसती रही। इसके चलते आई आपदा में भारी जन और धन हानि हुई। अब जबकि बारिश रुक गई है, लेकिन मुश्किलें फिर भी कम नहीं हो रहीं। बारिश की वजह से पहाड़ कमजोर हो गए हैं, नतीजतन जगह-जगह वाहनों पर बोल्डर गिरने की घटनाएं हो रही हैं। गुरुवार की रात भी यही हुआ। दीपावली वाले दिन जोशीमठ के पर्वतीय इलाके में विशालकाय बोल्डर सड़क के पास खड़ी कारों समेत चार वाहनों के ऊपर आ गिरे। शुक्र है कि घटना के वक्त वाहनों में कोई सवार नहीं था, वरना बड़ी अनहोनी हो जाती। बोल्डर की चपेट में आने से 3 कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। आगे पढ़िए
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घटना सीमांत गांव सूकी के पास स्थित भोरपाणी की है। यहां गुरुवार रात लोग घर में दिवाली मना रहे थे। तभी धमाके जैसी तेज आवाज आई। लोग घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां वाहनों के ऊपर बोल्डर गिरे मिले। बोल्डर की चपेट में आने से तीन कार और एक स्कूटी को भारी नुकसान हुआ। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि रात का वक्त होने की वजह से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। सुकी गांव के प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला ने बताया कि चारों वाहन सुकी गांव के निवासियों के थे। रात के वक्त उन्होंने वाहन सड़क किनारे पार्क किए हुए थे। तभी वाहनों के ऊपर बोल्डर आ गिरे। जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं। उन्हें सड़क से गुजरते हुए डर लगता है। इलाके में पहले भी ऐसी कई घटनाएं हुई हैं।