उत्तराखंड: ऑलवेदर रोड और हाईवे से जुड़ेंगे पहाड़ के सैकड़ों गांव, केदारनाथ तक जाएगी केबल कार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों पर औद्योगिक विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। योजना के तहत केदारनाथ धाम तक केबल कार (Kedarnath Cable Car) पहुंचाने की तैयारी है।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Kedarnath Cable Car: Cable car will go to Kedarnath
Image: Cable car will go to Kedarnath

रुद्रप्रयाग: चुनावी साल में राज्य सरकार कई बड़े ऐलान कर रही है। इसी कड़ी में साल 2025 तक उत्तराखंड के हर गांव को लिंक मार्गों के जरिए राजमार्गों और ऑल वेदर रोड से जोड़ने की तैयारी है। पहाड़ों पर औद्योगिक विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इस ही योजना के तहत केदारनाथ धाम तक केबल कार (Kedarnath Cable Car) पहुंचाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। राज्य स्थापना दिवस के मौके पर रिजर्व पुलिस लाइन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें मुख्यमंत्री ने कई बड़े ऐलान किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष स्नेह है। पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए लगभग एक लाख करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। केंद्र के सहयोग से प्रदेश तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने पलायन रोकने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर औद्योगिक विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे पलायन की समस्या से मुक्ति मिलेगी.

यह भी पढ़ें - रोजगार समाचार: उत्तराखंड पर्यटन विभाग में होने वाली है भर्ती, भरे जाएंगे खाली पद
पहाड़ की जवानी को पहाड़ के काम लाया जा सकेगा। विश्व में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र धर्मस्थल हेमकुंड साहिब को रोपवे से जोड़ा जाएगा। इसी योजना के तहत केदारनाथ धाम तक केबल कार (Kedarnath Cable Car) पहुंचाने की तैयारी है। नैनीताल के कैंचीधाम में 60 करोड़ से अधिक के विकास कार्य किए जाने हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए पर्यटन, आयुष, वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा और सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया जा रहा है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। सरकार की तरफ से शुरू की गई होम स्टे योजना से ग्रामीणों की आर्थिकी सुधर रही है। सभी न्याय पंचायतों में कलस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसी तरह सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की गई है।