पिथौरागढ़ की डीडीहाट विधानसभा सीट सुर्खियों में आने लगी है..ख़बरों की माने तो CM धामी (Pushkar Singh Dhami Didihat seat) डीडीहाट सीट से चुनावी मैदान में कूद सकते हैं
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साक्षी बड़थ्वाल
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Image: Pushkar Singh Dhami may contest from Didihat seat
पिथौरागढ़: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही समय बाकी है, लेकिन जिले की चारों विधानसभा सीटों के भाजपा, कांग्रेस, उक्रांद और आम आदमी पार्टी के संभावित दावेदारों ने भी जनसंपर्क अभियान शुरू दिया है. वहीँ पिछले कुछ समय से कुमाऊं के सीमांत जिला पिथौरागढ़ की डीडीहाट विधानसभा (Pushkar Singh Dhami Didihat seat) सीट सुर्खियों में आने लगी है. ख़बरों की माने तो CM धामी डीडीहाट सीट से चुनावी मैदान में कूद सकते हैं. डीडीहाट भी भाजपा के लिहाज से सुरक्षित सीट मानी जाती है. आपको बता दें की डीडीहाट विधानसभा में 25 सालों से बीजेपी का परचम लहराया हुआ है. राज्य बनने से पहले बीजेपी के बिशन सिंह चुफाल ने यहां जीत का जो आगाज किया था, वो अब तक बदस्तूर जारी है. चुफाल उत्तराखंड बीजेपी के कद्दावर नेताओं में भी शुमार हैं. सीएम पद के अलावा सूबे की सियासत के सभी बड़े ओहदों पर चुफाल रह चुके हैं. बावजूद इसके डीडीहाट विधानसभा से सीएम पुष्कर सिंह धामी के चुनावी अखाड़े में उतरने की चर्चाएं लगातार जोर पकड़ रही हैं. इसका कारण ये भी है. क्योंकि वहां सीएम पुष्कर सिंह धामी का पैतृक गांव है.
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वहीं सियासी सूत्रों की माने तो अगर सीएम धामी को विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए खटीमा के अलावा कोई और क्षेत्र चुनना होगा तो वह डीडीहाट को चुन सकते हैं. दूसरी तरफ डीडीहाट के विधायक मंत्री बिशन सिंह चुफाल की मानें तो कुछ लोग सोशल मीडिया में बिना सिर-पैर की फर्जी बातें बना रहे हैं. बिशन चुफाल का कहना है की सबकुछ पार्टी निर्धारित करती है. पार्टी जिसे भी तय करेगी, वही प्रत्याशी होगा. लेकिन जब से पुष्कर सिंह धामी सीएम बने हैं. उन्होंने अपने पैतृक गांव हड़खोला व बाद में बसे टुंडी गांव वाले विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में विकास कार्यों के जरिये फोकस किया है. तब से 80 हजार वोटर वाली इस सीट पर कई तरह की सियासी चर्चा गरमाने लगी है. वहीं स्थानीय स्तर के कुछ और नेता भी हैं, जो दावेदारी को लेकर सक्रिय दिख रहे हैं. हालांकि पार्टी स्तर पर ऐसा कुछ भी तय नहीं है. कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल क्षेत्र में मजबूती से डटे हैं. साथ ही आपको बता दें की उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद डीडीहाट (Pushkar Singh Dhami Didihat seat) इकलौती ऐसी सीट है, जहां कांग्रेस की पकड़ कभी इतनी मजबूत नहीं हुई कि वह जीत में तब्दील हो सके. विधायक विशन सिंह चुफाल से जब सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस तरह की चर्चाओं को पूरी तरह से अफवाह बताया.