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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: साल 2019 में पुलवामा में आतंकियों संग हुए एनकाउंटर में देहरादून के रहने वाले मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल शहीद हो गए थे। अब राष्ट्रपति द्वारा उनकी अद्म्य वीरता को नमन करते हुए मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। जिस दौरान तिरंगे में लिपटे विभूति का पार्थिव शरीर लौटा था तब उनकी पत्नी नीतिका कौल (Major Vibhuti Dhoundiyal Nikita Kaul Dhoundiyal) के साथ उनकी आखिरी मुलाकात ने सभी की आंखें नम कर दी थीं। शादी के सिर्फ 10 महीने बाद ही पति को खोने पर भी नीतिका ने खुद की हिम्मत बनाए रखी। उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया। सेना में अफसर बन नीतिका ने साबित कर दिया कि हौसला, जज्बा, लगन और मेहनत की बदौलत इंसान सारी बाधाओं पर विजय पा सकता है। ओटीए चेन्नई में अंतिम पग पार करते ही नीतिका ढौंडियाल का सपना आखिरकार पूरा हो गया। अब वो शहीद पति की तरह देश की सेवा कर रही हैं। लेफ्टिनेंट नीतिका ने पिछले साल इलाहाबाद में वूमेन एंट्री स्कीम की परीक्षा पास की थी। परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से ट्रेनिंग ली। इसी साल मई के महीने मेंं वो ट्रेनिंग पूरी कर सेना में शामिल हो गईं।
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