उत्तराखंड: भारतीय नौसेना में अफसर बनी नैनिका रौतेला, आप भी बधाई दें

नैनिका का चयन भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है. अब वो भारतीय नौसेना का हिस्सा बन देश की सेवा करेंगी-
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Nainika rautela Indian navy: Nainika rautela become sub lieutenant in Indian navy
Image: Nainika rautela become sub lieutenant in Indian navy

नैनीताल: देश की प्रतिभाशाली बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है. बात अगर देश की सेनाओं की करें तो कभी पुरूषों का एकक्षत्र अधिकार समझे जाने वाली देश की तीनों ही सेनाओं में आज लड़कियां भी लड़कों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है. यहां के बेटे ही नहीं बेटियां भी देशसेवा की राह पर चलकर प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं. नैनीताल की रहने वाली नैनिका रौतेला पहाड़ की ऐसी ही होनहार बिटिया हैं. नैनिका का चयन भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है. अब वो भारतीय नौसेना का हिस्सा बन देश की सेवा करेंगी. बता दें कि इस‌ पद के लिए उनका चयन बीते म‌ई माह में हुआ था. जिसके बाद केरल स्थित नौसेना अकादमी एझिमाला में लगभग 22 हफ्ते के कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद वह सब लेफ्टिनेंट बन गई. नैनिका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और अनुशासन को दिया है.

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आपको बता दें की पहाड़ी क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली नैनिका पढ़ाई में बचपन से ही अव्वल रहीं. उन्होंने कक्षा छह तक की पढ़ाई मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर से की. बाद में सेंट मैरी से इंटर किया. स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रुड़की में एडमिशन लिया और इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. नैनिका के पिता रामसिंह रौतेला नैनीताल जिला अदालत और उत्तराखंड हाईकोर्ट में वकालत करते हैं. मां डॉ. बसंती रौतेला मोहनलाल साह इंटर कॉलेज में प्रवक्ता हैं. बेटी के भारतीय नौसेना में चयन से दोनों बेहद गर्वित महसूस कर रहे हैं. अधिवक्ता राम सिंह रौतेला कहते हैं कि वो खुद भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहते थे. उन्होंने सेना के अलावा कभी किसी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं किया, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी वो सेना का हिस्सा नहीं बन सके. अब बेटी नैनिका ने नौसेना में अफसर बन उनका 28-30 साल पुराना सपना पूरा किया है. नैनिका की इस उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं पूरे क्षेत्र में भी खुशी की लहर है.