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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के वीर सपूतों में देश सेवा का जज्बा कूट-कूटकर भरा हुआ है। भारतीय सेना में न जाने कितने ऐसे वीर हैं, जो कि उत्तराँखंड से हैं। ये बात आप जानते ही होंगे कि हर साल आयोजित होने वाली देहरादून आईएमए की पासिंग आउट परेड में उत्तराखंड के जैंटलमैन कैडेट भी बड़ी संख्या में रहते हैं। आज आयोजित हुई पासिंग आउट परेड में भी उत्तराखंड के कई जांबाजों ने सैन्य अधिकारी का तमगा अपने कंधों पर सजाया। इन्हीं वीर सपूतों में से एक हैं अल्मोड़ा जिले के पाटिया गांव के पारस पाण्डे। पारस पाण्डे (Almora Patiya Village Paras Pandey Lieutenant) सेना में लेफ्टिनेंट बन गये हैं। आज Dehradun IMA की Passing Out Parade के बाद वह भारतीय सेना के हिस्से बने। पारस के पिता गिरीश चंद्र पाण्डे और मां भावना पाण्डे अल्मोड़ा के झिझाड़ मोहल्ले में रहते हैं। पारस ने सेना की वर्दी पहनी और अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को दिया। 2015 में पारस ने कूर्मांचल एकेडमी अल्मोड़ा से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद से ही उन्होंने सेना में जाने का मन बना लिया था। इसके लिए उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी की। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से उन्होंने इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। पासिंग आउट परेड के मौके पर उनके पिता गिरीश चंद्र पाण्डे और उनकी माता भावना पाण्डे गर्व के पल के गवाह बने। आपको बता दें कि आज आईएएमए की पासिंग आउट परेड में 321 कैडेटस भारतीय सेना के हिस्से बने हैं।
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