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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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टिहरी गढ़वाल: Tehri Garhwal Dobra Chanthi Bridge..हरी और प्रतापनगर वासियों की उम्मीदों का पुल। इस पुल को आकार लेने में पूरे 15 साल लगे, लेकिन उद्घाटन के महज कुछ ही महीनों बाद इस पुल की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देख लोग खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगे हैं। देश के पहले सिंगल सस्पेंशन डोबरा-चांठी पुल पर बिछी मास्टिक में एक बार फिर दरार पड़ने लगी है, और ये पहली बार नहीं हो रहा। मास्टिक पर दरारें पड़ने का यह तीसरा मामला है। जिससे लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। साल 2020 में टिहरी झील के ऊपर बनकर तैयार हुए इस पुल पर तीसरी बार दरार पड़ी है। डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज के ऊपर बिछे मास्टिक के जोड़ों में दरार पड़ने से जनता में आक्रोश है। उन्होंने गुप्ता कंपनी पर भी सवाल खड़े किए। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पुल प्रतापनगर की जनता के संघर्षों का परिणाम है, जो कि प्रतापनगर की लाइफ लाइन है। बता दें कि डोबरा-चांठी पुल की लंबाई 725 मीटर है। इसमें सस्पेंशन ब्रिज 440 मीटर लंबा है। पुल में 260 मीटर आरसीसी डोबरा साइड और 25 मीटर स्टील गार्डर चांठी साइड से है, पुल की चौड़ाई 7 मीटर है।
पुल पर बिछी मास्टिक की दरारों को देखकर ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचनी शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि दरारों को तत्काल ठीक कराया जाए, लेकिन बार-बार दरारें पड़ने के बावजूद कोई अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा। अगर इसी तरह अनदेखी की गई तो यह पुल ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगा। अधिकारियों को पुल के प्रति गंभीर होना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने एक बार फिर मास्टिक बिछाने वाली कंपनी के खिलाफ जांच कराने की मांग की है। वहीं लोक निर्माण विभाग के कार्य देख रहे अधिशासी अभियंता पवन ने बताया कि पुल के मेंटेनेंस का कार्य पांच साल तक कंपनी ही करेगी। Tehri Garhwal Dobra Chanthi Bridge की मास्टिक पर पड़ी दरारों को ठीक करने के लिए कंपनी के कर्मचारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। पांच साल तक जो भी काम किए जाएंगे वो कंपनी की देखरेख में ही किए जाएंगे।