उत्तराखंड में खिली धूप, चांदी से चमके बर्फीले पहाड़..जानिए अगले 5 दिन के मौसम का हाल

भारी बरसात के बाद उत्तराखंड में आज से रहेगा मौसम साफ, 15 जनवरी तक बरसात से राहत-
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Uttarakhand Snowfall: Uttarakhand Weather Report for Next 5 Days
Image: Uttarakhand Weather Report for Next 5 Days

चमोली: उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से लगातार बरसात ने जीना मुश्किल कर रखा था। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हो रही बरसात और बर्फबारी के कारण बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था। मगर कई दिनों से लगातार बरसने के बाद आखिरकार बरसात आज थम गई है। कई जगहों पर मौसम साफ हो गया है, बादल छंट गए हैं। कुल मिला कर मौसम अब कुछ दिनों तक साफ रहने की उम्मीद लगाई जा रही है। राज्‍य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मंगलवार से बारिश थमने के साथ मौसम साफ होने की संभावना है। मैदानी इलाकों में मंगलवार को कहीं कहीं हल्के से मध्यम कोहरा छा सकता है। 15 जनवरी तक कुमाऊं में मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम में आने वाले बदलाव की वजह से ठंड से राहत मिलेगी और तापमान में इजाफा होगा। दरअसल पहाड़ों से लेकर मैदानों तक इस बार बरसात ने लोगों को खूब छकाया। बर्फबारी और बरसात के कारण न केवल आवाजाही में समस्या हुई बल्कि तापमान में भी तेजी से गिरावट हुई और ठंड में वृद्धि हुई। कुमाऊं में दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। रविवार रात गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सोमवार को नैनीताल में बारिश के साथ ओले भी गिरे। सिर्फ 48 घंटे के दौरान ऊधमसिंह नगर जिले में 45.4 मिमी बरसात हुई। अल्मोड़ा में 6.2 मिमी, नैनीताल में 9.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा औसत बारिश ने पांच से दस गुना तक अधिक है।

वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है। बारिश और हिमपात के बाद नैनीताल व मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री नीचे पहुंच गया है। सोमवार को मुक्तेश्वर का अधिकतम पारा 4.7 डिग्री व न्यूनतम 0.4 डिग्री रहा। अच्छी खबर यह है कि अब मौसम आने वाले कुछ दिन तक परेशान नहीं करेगा। 15 जनवरी तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ डा. एके सिंह ने बताया कि पश्चिमी हिस्से में एक साथ दो पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण पूर्व व दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में चक्रवाती हवाओं के परिसंचरण के दो सिस्टम सक्रिय होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसा बहुत कम होता है जब दो पश्चिमी विक्षोभ व दो इंड्यूस साइक्लोनिक सरकुलेशन एक साथ मौजूद रहें। यही कारण है कि अरब सागर व बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से नमी आई।