उत्तराखंड से दुखद खबर: ठंड से बचने के लिए घर में जलाई अंगीठी, दम घुटने से महिला की मौत

चंपावत में 11 दिसंबर को भी एक ऐसा ही हादसा हुआ था। यहां बाराकोट में अंगीठी की गैस से दम घुटने से एक दंपति की मौत हो गई थी।
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CHAMPAWAT DAINSLI VILLAGE UMA BISHT: Woman dies of suffocation in Lohaghat
Image: Woman dies of suffocation in Lohaghat

चम्पावत: पहाड़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से बचाव के लिए लोग अंगीठी का सहारा लेते हैं, पर अगर इस दौरान सावधानी न बरती जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। कुमाऊं के चंपावत जिले में यही हुआ। यहां ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी ने एक महिला की जान ले ली। घटना लोहाघाट के डैंसली गांव की है। पूर्व ग्राम प्रधान शिवराज सिंह बिष्ट की भाभी उमा बिष्ट (41) अपने पति गोपाल सिंह और दो बच्चों के साथ अपने ससुर के वार्षिक श्राद्ध के लिए मुंबई से 31 दिसंबर को गांव आई थीं। रात को खाना खाने के बाद उमा ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर कमरे में सो गई। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि उमा के कमरे का दरवाजा बंद है। वो चाय देने के लिए कमरे का दरवाजा खटखटाने लगे, लेकिन भीतर कोई हलचल नहीं हुई। दरवाजा न खुलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। वहां कमरे में उमा बेहोश अवस्था में मिली।

परिजन उमा को उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट ले गए, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बता दें कि चंपावत में 11 दिसंबर को भी एक ऐसा ही हादसा हुआ था। यहां बाराकोट के पाड़ासोंसेरा में अंगीठी की गैस से दम घुटने से एक दंपति की मौत हो गई थी। अगर आप भी अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान रहें। बंद कमरे में अंगीठी का इस्तेमाल जानलेवा हो साबित हो सकता है। इससे निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कमरे में मौजूद ऑक्सीजन को रिप्लेस कर देती है। ऑक्सीजन की कमी बेहोशी की स्थिति पैदा कर सकती है, इसकी अधिकता से जान भी जा सकती है। इसलिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने की भूल कतई न करें।