Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
चम्पावत: किसी ने सच ही कहा है, संघर्ष जितना कठिन हो, सफलता उतनी ही शानदार होगी। चंपावत के होनहार लाल उमेश सोराड़ी ने इस बात को सच कर दिखाया। उमेश सोराड़ी ने वन दरोगा लिखित परीक्षा में दूसरी रैंक लाकर जिले का मान बढ़ाया है। दरअसल कुछ समय पहले उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वन दरोगा लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिसका परिणाम भी अब घोषित हो गया है। वन दरोगा परीक्षा में उमेश चंद्र सोराड़ी दूसरी रैंक लाने में कामयाब रहे। उन्होंने अपनी उपलब्धि से क्षेत्र का मान बढ़ाया है। परिजन बेटे की सफलता पर खुशी से फूले नहीं समा रहे। उमेश पाटी क्षेत्र के गूम पाटी गांव के रहने वाले हैं। उनकी उपलब्धि से जिले और उनके गृह क्षेत्र में खुशी का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। उमेश की सफलता कई मायनों में खास है। आगे पढ़िए
उनके पिता उर्बादत्त सोराड़ी कृषि कार्य करते हैं, जबकि माता गृहणी हैं। घर में आर्थिक तंगी थी, लेकिन विषम परिस्थितियों में भी उमेश ने मेहनत जारी रखी और अपने सपने को सच करने में कामयाब रहे। अपने गृह क्षेत्र से प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उमेश ने पाटी से हाईस्कूल और पंजाब से इंटर की पढ़ाई पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने पिथौरागढ़ डिग्री कॉलेज में एडमिशन लिया और वहीं से बीएससी, एमएससी की डिग्री हासिल की। उमेश सोराड़ी मौजूदा वक्त में लोहाघाट स्थित कोचिंग सेंटर में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से वन दरोगा परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया है। राज्य समीक्षा टीम की तरफ से उमेश को ढेरों शुभकामनाएं। उनकी सफलता पहाड़ के दूसरे युवाओं को भी आगे बढ़ने और कभी हार ना मानने की प्रेरणा देगी।