उत्तराखंड में भूकंप से हिली धरती, घरों से बाहर निकले लोग

ये बात और है कि Uttarkashi में earthquake से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ, हालांकि लोग डरे हुए हैं।
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uttarkashi earthquake: 3 6 Richter scale earthquake in Uttarkashi
Image: 3 6 Richter scale earthquake in Uttarkashi

उत्तरकाशी: भूकंपीय आपदा की दृष्टि से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील राज्य है। यहां कभी पिथौरागढ़ में भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं तो कभी बागेश्वर में। इस बार Uttarkashi में earthquake से की धरती डोल गई। यहां शनिवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। धरती के हिलते ही लोग डर से सहम गए और तुरंत घरों से बाहर निकल आए। कई लोग तो काफी देर तक बाहर ही रहे और घरों के भीतर जाने से डरते रहे। ये बात और है कि यहां भूकंप से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, हालांकि लोग डरे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह 3 बजकर 15 मिनट पर महसूस किए गए। घटना के वक्त लोग गहरी नींद में थे, लेकिन जमीन के कांपने का एहसास होते ही वो तुरंत घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 मेग्नीट्यूड मापी गई है। स्थानीय लोगों की मानें तो भूकंप के झटके कुछ ही सेकेंड तक महसूस किए गए।

भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से 10 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। उत्तरकाशी आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार कहीं से भी किसी अप्रिय घटना का सूचना नहीं है। बता दें कि भूकंप की दृष्टि से उत्तरकाशी जिला बेहद संवेदनशील है। साल 1991 में यहां भयानक भूकंप आया था। कई जगह तो इस भूकंप के निशान आज भी देखे जा सकते हैं। इस भूकंप के दौरान मस्ताड़ी गांव के सभी मकान ध्वस्त हो गए थे। तब से लेकर आज तक ये गांव धीरे-धीरे जमीन में समा रहा है। कुमाऊं क्षेत्र में भी लंबे समय से भूकंप के झटके महसूस हो रहे हैं। कम तीव्रता वाले earthquake से Uttarkashi में जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन इन्हें लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी जरूर दी है। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तराखंड पर बड़े भूकंप का खतरा मंडरा रहा है।