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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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रुद्रप्रयाग: लीजेंड्री सिंगर लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं हैं। इस बात पर यकीन करना मुश्किल है मगर अब उनकी स्मृतियां, उनके सदाबहार गीत ही हैं जो कि हमको उनसे जोड़े रख सकते हैं। लता जी ने रविवार 6 फरवरी सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर अंतिम सांस ली थी। लता मंगेशकर, ‘स्वर कोकिला’ के नाम से भी देश-दुनिया में विख्यात हैं। वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं मगर उनकी आवाज, उनके गीतों के रूप में सदैव हमारे बीच रहेगी। भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर की एक इच्छा थी जो वह पूरी नहीं कर पाईं और उनकी वह इच्छा अधूरी रह गई। वह है केदारनाथ आने के अच्छा। जी हां, उन्होंने केदारनाथ आपदा के बाद वहां के हालात की जानकारी लेने के लिए उस समय मुख्यमंत्री हरीश रावत को फोन किया था। इसी दौरान उन्होंने हरीश रावत के साथ बातचीत करने के दौरान कहा कि वह एक बार केदारनाथ के दर्शन करना चाहती हैं और इसके साथ ही उन्होंने शिव को समर्पित एक भजन गाने की भी इच्छा जताई थी।
यह संस्मरण प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व सीएम हरीश रावत के सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने अमर उजाला के साथ शेयर किया है। उन्होंने बताया कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने 2013 में केदारनाथ आने की इच्छा जाहिर की थी। जब उन्होंने केदारनाथ आपदा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत को फोन करके वहां के हालातों की जानकारी ली थी, उन्होंने केदारनाथ में दर्शन करने और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए हरीश रावत को शुभकामनाएं दी थी और इस दौरान उन्होंने केदारनाथ में भगवान शिव को समर्पित एक भजन का कार्यक्रम करने की भी इच्छा प्रकट की थी। उनकी केदारनाथ आने की इच्छा पूरी ना हो सकी और लता मंगेशकर ने दुनिया को कह दिया। उनके गीतों की, उनकी आवाज की जगह कोई नहीं ले सकता है और वह सदैव अपने गीतों के जरिए हमारे साथ रहेंगी।