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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: उत्तराखंड के युवा खिलाड़ी देवभूमि को गौरवान्वित करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे। आज हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के 2 टॉप स्टार प्लेयर्स की जिन्होंने उत्तराखंड को एक अलग पहचान दिलाई है और देवभूमि का मान सम्मान बढ़ाया है। हम बात कर रहे हैं बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन और हॉकी वंदना कटारिया की। इन स्टार खिलाड़ियों के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। दोनों ने एक बार फिर राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। व्यवसायिक पत्रिका फोर्ब्स ने 30 साल से कम उम्र वाली 30 कामयाब हस्तियों की एक लिस्ट जारी की है जिसमें सिर्फ दो ही खिलाड़ियों का नाम शामिल है और वह दोनों ही उत्तराखंड के रहने वाले वंदना कटारिया और लक्ष्य सेन हैं। जी हां, दरअसल व्यवसायिक पत्रिका फोर्ब्स ने मैगजीन में 30 अंडर 30 की लिस्ट जारी की है और इस लिस्ट के अंदर उन 30 लोगों का नाम शामिल है जो कि 30 साल से कम उम्र के हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस पूरी लिस्ट के अंदर केवल दो ही खिलाड़ियों के नाम हैं और वे दोनों भारत के उत्तराखंड के रहने वाले हैं। उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि उत्तराखंड के दो सितारों का नाम आज अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है। दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में टॉप के खिलाड़ी हैं और कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुके हैं। पहला नाम उत्तराखंड की ओलंपिक की हैट्रिक गर्ल वंदना का है जिनको अर्जुन पुरस्कार, शीतल राज नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की रहने वाली वंदना अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले साल हुए टोक्यो ओलंपिक में भारत का नाम विश्वभर में रोशन किया था। वंदना ने टोक्यो ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। ओलंपिक में गोल कर हैट्रिक लगाने वाली वह पहली भारतीय महिला हैं। आइये अब बात करते हैं अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन की जिनके नेतृत्व में आज भारतीय बैडमिंटन टीम मलेशिया के क्वालालांपुर के लिए रवाना हुई है और वहां टीम एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी। भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने विश्व चैंपियन लोह कीन यू को रोमांचक खिताबी मुकाबले में हराकर इंडिया ओपन 2022 पुरुष एकल का खिताब जीत था। ने 54 मिनट तक चले फाइनल में लक्ष्य ने सिंगापुर के खिलाड़ी लोह को 24-22, 21-17 से मात दी थी। यह 20 साल के इस भारतीय खिलाड़ी का सुपर 500 स्तर के प्रतियोगिता का पहला खिताब था। फिलहाल लक्ष्य सेन की रैंकिंग 13 है। लक्ष्य ने विश्व रैंकिंग में 60वें स्थान पर काबिज मलेशिया के नग त्जे योंग को सेमीफाइनल में हराकर अपने पहले विश्व टूर सुपर 500 टूर्नामेंट के फाइनल में कदम रखा था। लक्ष्य ने अंतिम चार मुकाबले में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 19-21 21-16 21-12 से जीत हासिल की थी। लक्ष्य दो सुपर 100 खिताब जीते चुके हैं, जिसमें डच ओपन और सारलोरलक्स ओपन शामिल है। पिछले साल इस युवा खिलाड़ी ने हाइलो में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। वंदना और लक्ष्य दोनों ने देवभूमि का नाम गौरवान्वित किया है और राज्य समीक्षा की पूरी टीम दोनों के उज्जवल भविष्य की कामना करती है।