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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: कर्नाटक में इन दिनों बवाल मचा हुआ है। हिजाब को लेकर यहां पर दो गुटों के बीच में जमकर आपसी तकरार हो रही है। हिजाब पहनकर आ रही छात्राओं को क्लास में आने से रोकने के बाद यह विवाद बढ़ता जा रहा है। इसका असर उत्तराखंड की राजनीति पर भी साफ देखने को मिल रहा है। इसी बीच कर्नाटक में हिजाब विवाद के बाद उत्तराखंड के सीएम Pushkar Singh Dhami ने भी एक बड़ा बयान दे दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि अगर उत्तराखंड में भाजपा की सरकार बनती है तो शपथ ग्रहण करते ही उत्तराखंड में uniform civil code का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विरासत की रक्षा के लिए भाजपा सरकार अपने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद एक कमेटी गठित कर यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करेगी जिसमें सभी नागरिकों के लिए समान कानून बनेगा चाहे वह किसी भी धर्म में विश्वास रखते हों। इससे समानता को बढ़ावा मिलेगा। यूनिफॉर्म सिविल कोड या समान नागरिक संहिता का मतलब है विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे विषयों में सभी नागरिकों के लिए एक जैसे नियम होना. दूसरे शब्दों में कहें तो परिवार के सदस्यों के आपसी संबंध और अधिकारों को लेकर समानता होनाआगे पढ़िए
सिविल कोड से सामाजिक सद्भाव भी बढ़ेगा सीएम धामी ने कहा कि यह लैंगिक न्याय को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि देश में सभी धर्मों के विवाह और तलाक के कानून अलग अलग हैं। संपत्ति और पात्रता के कानून भी अलग अलग हैं। ऐसे में विवाह, तलाक उत्तराधिकार जमीन जायदाद जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए एक समान अधिकार होगा। चाहे वह किसी भी धर्म का हो या फिर किसी भी जाति का हो। सीएम धामी ने यह बयान बीते शनिवार को जारी किया। उन्होंने बताया कि भाजपा की सरकार बनते ही रिटायर्ड जजों, प्रबुद्ध जनों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की एक कमेटी बनाई जाएगी जो की यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए ड्राफ्ट तैयार करेगी। वहीं भाजपा के सांसद अनिल बलूनी ने सीएम धामी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सीएम Pushkar Singh Dhami का uniform civil code वाला बयान सराहनीय है और इससे समाज में एकरूपता आएगी और बराबरी भी आएगी।