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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी का बिगसारी गांव। शनिवार का दिन यहां के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आया। गांव में पहली बार बस पहुंची। बस को अपने गांव में देखकर लोग बेहद उत्साहित थे, खुशी से झूम रहे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के चेहरे पर एक अलग चमक दिख रही थी। अब इन ग्रामीणों को गांव तक पहुंचने के लिए 6 किलोमीटर पैदल नहीं चलना पड़ेगा। जरूरत पड़ने पर वह बस सेवा के जरिए एक जगह से दूसरी जगह आवाजाही कर सकेंगे। बिगसारी गांव मोरी के गडूगाड पट्टी में स्थित है। यहां शनिवार को पहली बार कलासी तोक से आगे बस पहुंची। अभी तक बिगसारी के ग्रामीणों को खरसाड़ी, कलासी से केदारगंगा को पार कर गांव तक पहुंचने के लिए 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। क्योंकि बिगसारी से कलासी के बीच सड़क नहीं थी। खरसाड़ी से आगे 3 किलोमीटर दूर कलासी तोक तक 2016 में मोटर मार्ग बन गया था। जबकि 375 परिवारों के गांव बिगसारी के लिए कलासी से आगे 6 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम 2019-20 में शुरू हुआ।
सड़क का निर्माण पीएमजीएसवाई ने कराया। फरवरी 2022 में सड़क बनकर तैयार हो गई। शनिवार को दर्जनों ग्रामीणों के साथ बिगसारी गांव तक बस का ट्रायल किया गया। सवारियों से भरी बस गांव में पहुंची तो गांव के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के चेहरे बस को देख कर खिल उठे। पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने बताया कि गांव तक बस का ट्रायल सफल रहा है। सड़क निर्माण के दूसरे फेज में रोड पर डामरीकरण का काम कराया जाएगा। आपको बता दें कि शासन ने साल 2011 में मोरी क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए दर्जनों सड़कों को प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत स्वीकृति दी थी। जिसमें खरसाड़ी-कलासी-बिगसारी मार्ग भी था। साल 2020 में कलासी से आगे सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ था, जो कि पूरा कर दिया गया है। शनिवार को ट्रायल के तहत कलासी से बिगसारी तक बस पहुंचाई गई। जिसमें दर्जनों ग्रामीणों ने भी सफर किया।