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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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देहरादून: उत्तराखंड के लिए एक दुखद खबर है। उत्तराखंड का एक जांबाज Jagendra Singh Chauhan देश की अग्रिम सीमा पर शहीद हो गया। देहरादून के रहने वाले हवलदार जगेन्द्र सिंह चौहान के सियाचिन में शहीद होने की खबर है। देहरादूंन के डोईवाला के रहने वाले हवलदार जगेन्द्र सिंह चौहान की शहादत की खबर पाकर क्षेत्र में शोक का माहौल है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक हवलदार जगेन्द्र सिंह चौहान डोईवाला के कान्हरवाला में रहते थे। वो सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थे। उनके पिता भी सेना से रिटायर्ड हैं। जी हां उनके पिता सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह चौहान डोईवाला में रहते हैं। जगेंद्र सिंह चौहान 325 लाइट ए डी बटालियन में कार्यरत थे और मात्र 35 वर्ष की उम्र में वो देश के लिए शहीद हो गए। घर में उनकी मां विमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद हवलदार जगेन्द्र सिंह चौहान की पत्नी का नाम किरण चौहान है। सेना द्वारा उनके परिवार को संपर्क कर शहीद होने की सूचना दी गई है। बताया जा रहा है कि सियाचिन ग्लेशियर में अत्यधिक बर्फबारी के कारण वहां से पार्थिव शरीर को लाने में वक्त लग रहा है। शहीद जगेंद्र सिंह चौहान का पार्थिव शरीर परसों तक डोईवाला पहुंचने की संभावना है।