साल 2019 में हुई UKSSSC Exam में fraud का सिलसिला फार्म भरने के साथ ही शुरू हो गया था। आगे जानिए पूरा मामला
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कोमल नेगी
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Image: UKSSSC exam fraud 2019 accused teacher arrested
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 3 साल से फरार नकल माफिया शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक सॉल्वर गैंग चला रहा था। एसटीएफ टीम ने उसे अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र से धर दबोचा। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस मामले में एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, उसकी तलाश जारी है। यहां पर पूरा मामला भी बताते हैं।
UKSSSC Exam fraud 2019
घटना 2019 की है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक एलटी और कनिष्क सहायक डाटा एंट्री ऑपरेटर की लिखित परीक्षा कराई थी। जिसमें 22 लोगों को फर्जी अभ्यर्थियों के माध्यम से परीक्षा दिलवाने का मामला सामने आया था। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में फर्जीवाड़े का सिलसिला फार्म भरने के साथ ही शुरू हो गया था। 22 लोगों का आवेदन पत्र लगभग एक साथ भरा गया, जिसमें सभी में एक ही ई-मेल आईडी का प्रयोग किया गया। मामला पकड़ में आने के बाद आयोग ने सभी 22 लोगों का रिजल्ट रोक दिया था।
मामले में रुद्रपुर थाने में केस दर्ज किया गया था।
UKSSSC Exam fraud Teacher Vijayveer
जांच के दौरान पता चला कि फर्जी अभ्यर्थियों के गैंग का सरगना जलालपुर अमरोहा निवासी विजयवीर पुत्र खचेड़ू है। वही प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के लिए फर्जी अभ्यर्थियों को भेजता था। पिछले 2 साल से पुलिस आरोपी विजयवीर की तलाश में जुटी थी, लेकिन वह पकड़ा नहीं गया। पुलिस ने आरोपी पर पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था। सोमवार को एसटीएफ ने इंद्रा चौक गजरौला से विजयवीर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजयवीर अमरोहा जिले के सरकारी जूनियर हाईस्कूल अफजलपुरलूट रजबपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत था। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में विजयवीर और उसके एक साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें विजयवीर को पकड़ लिया गया है। इनामी बदमाशों पर एसटीएफ का शिकंजा कसता जा रहा है। एसटीएफ अब तक पांच इनामी अपराधियों को पकड़ चुकी है।