देहरादून के ऋषभ ने यूक्रेन में अपने डॉगी को अकेला नहीं छोड़ा..अब दोनों ही साथ में लौटेंगे

यूक्रेन में फंसे Dehradun के Rishabh Kaushik ने अपने pet dog मालेबू को युद्धग्रस्त इलाके में छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
dehradun rishabh kaushik ukraine: Rishabh Kaushik will come to ukraine to Dehradun with Pet Dog
Image: Rishabh Kaushik will come to ukraine to Dehradun with Pet Dog

देहरादून: कुत्तों की वफादारी के किस्से आपने खूब सुने होंगे, लेकिन उत्तराखंड के एक युवक ने अपने पालतू कुत्ते संग वफादारी निभाकर मिसाल पेश की है। Dehradun Rishabh Kaushik and Pet Dog malebu यूक्रेन में फंसे ऋषभ कौशिक ने अपने पालतू कुत्ते मालेबू को युद्धग्रस्त इलाके में छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था। वो मालेबू के बिना भारत नहीं लौटना चाहते थे। अच्छी बात ये है कि ऋषभ अब यूक्रेन छोड़ कर हंगरी पहुंच गए हैं और भारत सरकार ने उनके चहेते मालेबू को भी भारत लाने के लिए एनओसी दे दी है। यूक्रेन में हर पल खतरा बना हुआ है। हजारों भारतीय छात्रों के साथ उत्तराखंड के ऋषभ कौशिक भी यूक्रेन में फंसे हुए थे। ऋषभ कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए हुए थे। हालात बिगड़ने पर जब भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकाला जाने लगा तो ऋषभ ने अपने मालेबू (पालतू कुत्ते का यूक्रेनियन नाम जिसका मतलब 'स्वीट' होता है) के बिना युद्धग्रस्त देश छोड़ने से इनकार कर दिया था।

मामला मीडिया की सुर्खी बना तो भारत सरकार को भी ऋषभ की बात माननी पड़ी। भारत सरकार ने उन्हें डॉगी को भारत लाने की एनओसी दे दी है। ऋषभ और मालेबू यूक्रेन छोड़ कर हंगरी पहुंच गए हैं। ऋषभ ने बताया कि वह अपने डॉगी के साथ मंगलवार दोपहर ही यूक्रेन का बॉर्डर छोड़ चुके हैं। भारत सरकार के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और ऋषभ के साथ-साथ उनके डॉगी के तमाम कागज भी पूरे किए। इसी के साथ मुंबई आने तक की एनओसी तुरंत ऋषभ के पास आ गई। बुधवार को ऋषभ मुंबई की फ्लाइट पकड़ेंगे। ऋषभ का परिवार देहरादून के किशनपुर क्षेत्र में रहता है। वो अपने डॉगी मालेबू को बहुत चाहते हैं। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद उन्होंने मालेबू के साथ भारत लौटने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें एनओसी नहीं मिल पा रही थी।