Anurag Panwar भारी बमबारी के बीच किसी तरह अपने साथियों संग Ukraine के खारकीव रेलवे स्टेशन पहुंच गया था, लेकिन भारतीय छात्रों को रेल के अंदर नहीं घुसने दिया गया।
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कोमल नेगी
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Image: Anurag Panwar of Kotdwar Pauri Garhwal trapped in Ukraine
पौड़ी गढ़वाल: यूक्रेन में जहां हर तरफ भयावह माहौल है, वहीं बड़ी संख्या में भारतीय छात्र अब भी वहां फंसे हैं। परिजन अपने लाडलों के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं, सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
Anurag Panwar of Kotdwar trapped in Ukraine
पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार के रहने वाले अनुराग पंवार भी यूक्रेन में फंसे हैं। परिजनों ने बताया कि अनुराग अपने साथियों संग किसी तरह भारी बमबारी के बीच खारकीव रेलवे स्टेशन पहुंच गया था, लेकिन भारतीय छात्रों को रेल के अंदर नहीं घुसने दिया गया। अनुराग के साथ-साथ उसके परिजन भी बेहद परेशान हैं। वो बुधवार दोपहर से खारकीव के रेलवे स्टेशन पर फंसा हुआ है। उसे वहां से जाने वाली रेल में जगह नहीं मिल रही है। अनुराग के पिता किशन सिंह पंवार अधिवक्ता हैं। वो जौनपुर क्षेत्र में रहते हैं। किशन सिंह पंवार ने बताया कि अनुराग यूक्रेन में एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का छात्र है।
खारकीव में लगातार बमबारी हो रही है, जिस वजह से अनुराग बंकर से बाहर नहीं निकल पा रहा। सोमवार को वो अपने साथियों संग रेल से बाहर निकलने वाला था, लेकिन तभी कर्नाटक के युवक की मौत की सूचना आ गई। जिससे अनुराग बुरी तरह डर गया। रोमानिया बॉर्डर जाने के लिए उसने बस भी बुक की थी, लेकिन बमबारी की वजह से बस उन तक नहीं पहुंच सकी। बुधवार को अनुराग और उसके साथी खारकीव रेलवे स्टेशन पहुंच गए, लेकिन वो अब भी वहीं फंसे हैं, क्योंकि भारतीय छात्रों को ट्रेन में नहीं घुसने दिया जा रहा। अनुराग के पिता ने सरकार से उनके बेटे को स्वदेश लाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। बता दें कि यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं को लाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की ओर से लगातार प्रयास जारी है। मंगलवार देर रात और बुधवार को उत्तराखंड के 16 छात्र यूक्रेन से लौटे हैं। अब तक प्रदेश के 40 छात्रों की सुरक्षित वतन वापसी हो चुकी है।