गजब बात ये है कि लकड़ी तस्कर जंगल नहीं, बल्कि वन विकास निगम के प्लॉट से खैर की लकड़ी चोरी कर रहे थे। वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो पांच तस्कर अपनी बाइक छोड़कर भाग गए।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
Image: Priceless wood smuggler Sukha arrested in Nainital
नैनीताल: उत्तराखंड अपनी अनमोल वन संपदा के लिए अलग पहचान रखता है, लेकिन लकड़ी माफिया बड़े पैमाने पर कीमती लकड़ियों को काटकर प्रदेश के वन क्षेत्र को खत्म करने में जुटे हैं। पिछले दिनों उत्तरकाशी में दो युवक ‘पुष्पा’ स्टाइल में प्रतिबंधित कांजल की लकड़ी की तस्करी करते पकड़े गए थे, अब ऐसी ही घटना नैनीताल जिले में सामने आई है।
smuggler Sukha arrested in Nainital
नैनीताल में वनकर्मियों ने खैर की लकड़ी चोरी करते हुए एक तस्कर को रंगे हाथ दबोचा है, जबकि उसके 5 साथी भागने में कामयाब रहे। हैरानी की बात ये है कि लकड़ी तस्कर वन विकास निगम के पातन लॉट से लकड़ी चोरी कर रहे थे। सभी आरोपी 6 बाइक पर सवार होकर आए थे। भनक लगने पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो 5 आरोपी मौके से भाग गए, जबकि एक को वनकर्मियों ने धर दबोचा। जानकारी के मुताबिक, बीती देर रात 6 तस्कर खैर की लकड़ी चोरी करने के लिए वन विकास निगम के पातन लॉट में घुस गए।
वन विकास निगम के रेंज अधिकारी संतोष पंत के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर सभी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन 5 तस्कर अपनी-अपनी बाइक छोड़कर भागने में कामयाब रहे। तस्करों ने वन विकास निगम के अंतर्गत प्लॉट संख्या 38 को अपना निशाना बनाया था। सभी तस्कर खैर की बेशकीमती लकड़ी के गिलटों को बाइक पर रख कर ले जाने की फिराक में थे, लेकिन वनकर्मियों की सजगता से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। वन विभाग की टीम ने मौके से 25 क्विंटल लकड़ी बरामद की है। जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है। मौके से सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा नाम के तस्कर की गिरफ्तारी हुई है। वो केलाबंदवारी का रहने वाला है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जा रही है। मौके से बरामद 6 बाइकों को टीम ने जब्त कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।