शहीद हवलदार सोहन सिंह रावत 2011 में 17 गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे। उन्हें अगले साल 2023 में रिटायर होना था।
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कोमल नेगी
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Image: Pauri Garhwal Martyr Sohan Singh Rawat
पौड़ी गढ़वाल: जम्मू-कश्मीर के सेक्टर ब्रह्म वाणी में शहीद होने वाले हवलदार सोहन सिंह रावत को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रविवार देर रात हवलदार सोहन सिंह रावत का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया था।
Pauri Garhwal Martyr Sohan Singh Rawat
घटना के दौरान सोहन सिंह रावत सेक्टर ब्रह्म वाणी में सर्च ऑपरेशन कर रहे थे। उनके असामयिक निधन से परिजन सदमे में है। मंगलवार को जैसे ही हवलदार सोहन सिंह रावत का पार्थिव शरीर उनके कोटद्वार स्थित घर लाया गया, पूरा माहौल गमगीन हो गया। पत्नी पार्थिव शरीर को देख बदहवास हो गई, बच्चे बिलखते दिखाई दिए। शहीद सोहन सिंह रावत 2011 में 17 गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे। उन्हें अगले साल 2023 में रिटायर होना था। सोचा था रिटायरमेंट के बाद परिवार के साथ वक्त बिताएंगे, लेकिन दुर्भाग्य से सारे सपने टूट गए।
परिजनों ने बताया कि हवलदार सोहन सिंह छुट्टी पूरी होने के बाद 27 जनवरी को ड्यूटी पर गए थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर में थी। 45 वर्षीय सोहन सिंह चौबट्टाखाल के पुड़सखाल के पटल्यू गांव के मूल निवासी थे। उनका परिवार पिछले 6 साल से कोटद्वार के मोटाढांग में रह रहा है। रविवार को सोहन सिंह रावत अपनी सर्च टीम के साथ हाई एल्टीट्यूड एरिया में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान हार्ट अटैक की वजह से उनकी जान चली गई। देर रात सैन्य अधिकारियों ने सोहन सिंह के परिवार को फोन पर घटना की जानकारी दी, तब से घर में शोक पसरा हुआ है। शहीद को आज सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, तहसीलदार विकास अवस्थी, नायब तहसीलदार किशोर रौतेला भी शहीद को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचे थे।