Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
देहरादून: देहरादून के एसजीआरआर मेडिकल कालेज में सीनियर छात्रों को फर्स्ट ईयर के छात्र की रैगिंग करना महंगा पड़ गया। रैगिंग के मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने पांच छात्रों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया है।
बता दें कि राजकीय मेडिकल कालेज एंटी रैगिंग कमेटी ने इस मामले में पांच छात्रों पर कार्रवाई की है। दोषी छात्रों को निलंबित करने के साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना बीते फरवरी माह की बताई गई है। पीड़ित छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की शिकायत की थी। जिस पर कालेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया। कालेज प्रबंधन ने तत्काल रूप से सख्ती दिखाते हुए इस मामले में कार्रवाई की है। बता दें कि देहरादून के श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंस प्रबंधन के अनुसार एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने द्वितीय और तृतीय वर्ष के 5 छात्रों के ऊपर रैगिंग का आरोप लगाया था। छात्र का आरोप था कि सीनियर छात्रों ने उसके साथ अभद्रता की और दुर्व्यवहार किया। सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र को डराया धमकाया और उससे ऊंची आवाज में भी बात की।
मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी व अनुशासन कमेटी ने आरोपित सीनियर छात्रों पर सख्त कार्यवाही की है और 5 छात्रों पर 25 हजार से 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं उन्हें 1 से 3 महीने के लिए कॉलेज से निलंबित भी कर दिया गया है। आरोपित सीनियर छात्रों के लिए काउंसलिंग सेशन का भी आयोजन किया गया है ताकि इस तरह की घटना फिर से ना हो। दरअसल पीड़ित छात्र ने अभद्रता की शिकायत नेशनल एंटी रैगिंग सेल से की थी। सेल ने छात्र की शिकायत को मेडिकल कालेज को जांच के लिए भेजा था। Dehradun SGRR Medical College Ragging पर एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच की और इस पर कड़ी कार्रवाई की। बता दें कि राज्य में कुछ दिन पहले हल्द्वानी मेडिकल कालेज में भी रैगिंग का प्रकरण सामने आया था। कॉलेज के करीब 30 छात्रों को सिर मुंडवाकर सिर झुकाकर चलने को मजबूर किया गया। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। इस मामले में उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई। जिस पर अदालत ने कुमाऊं मंडल के आयुक्त और डीआइजी को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था।