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हल्द्वानी: हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में हाल ही में रैगिंग का एक ऐसा मामला सामने आया था जिसने पूरे कॉलेज प्रशासन को हिला कर रख दिया था।
दरअसल राज्य के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रथम वर्ष के प्रवेश के बाद 4 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें 27 छात्रों के सिर मुंडवाए हुए थे। वीडियो के वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन के बीच में कोहराम मच गया और तब से ही आरोपी छात्रों को सजा देने की मांग चली आ रही थी। आखिरकार मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी प्रशासन ने रैगिंग की बात को स्वीकार कर लिया है और एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में 121 सीनियर छात्रों पर सामूहिक तौर पर कार्यवाही की गई है। छात्रों पर 5000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। दरअसल शनिवार को राजकीय मेडिकल हल्द्वानी के प्राचार्य कार्यालय में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। इस कमेटी ने हाईकोर्ट के आदेश पर गठित कमेटी की जांच के आधार पर कार्यवाही की है। सभी ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि रैगिंग के नाम पर जूनियर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है। जबरदस्ती उनका सर मुंडवाया गया है और उनके साथ बदसलूकी भी की गई है ऐसे में हॉस्टल संख्या दो में रहने वाले 121 छात्रों पर 5000 का अर्थदंड लगाया गया है। 8 अप्रैल तक दंड जमा नहीं करने वाले छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया जाएगा और इसके साथ ही सारी कक्षाओं से भी वंचित किया जाएगा।
दरअसल हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश पर कमिश्नर डीआईजी ने 14 मार्च को जांच की थी और इस जांच से पता लगा कि रैगिंग के नाम पर एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रथम वर्ष के प्रवेश के बाद 4 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें 27 छात्रों के सिर मुंडवाए हुए थे। हॉस्टल से कक्षा में जाते समय सभी ने सिर नीचे किया हुआ था और हाथ पीछे बांधकर चल रहे थे और उनके पीछे गार्ड चल रहा था। ऐसे में हाई कोर्ट ने 9 मार्च को जनहित याचिका की और सुनवाई में कमिश्नर व डीआईजी को जांच के निर्देश भी दिए। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण जोशी का कहना है कि कमेटी की ओर से निर्धारित नियम के तहत सामूहिक तौर पर कारवाही का निर्णय ले लिया गया है। सभी आरोपी छात्रों पर 5000 का दंड लगाया गया है। परिसर में सभी ओर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। छात्रों को हर तरह से सुरक्षा का इंतजाम भी दिया गया है।