uttarakhand में अब घर बनाना (house building) expensive हो गया है। हिमाचल से रेत लाने पर रोक लगने के बाद रेत-बजरी भी महंगी हो गई है।
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कोमल नेगी
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Image: building house in uttarakhand becomes expensive
देहरादून: महंगाई से परेशान लोगों के लिए एक और बुरी खबर है। उत्तराखंड में अब घर बनाने के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी।
house building in uttarakhand becomes expensive
दरअसल उत्तराखंड सरकार ने हिमाचल प्रदेश से रेत, बजरी व बोल्डर लाने पर रोक लगा दी है। सरकार के इस कदम से उत्तराखंड के खनन कारोबारियों को फायदा होगा, लेकिन ये फैसला आम लोगों के हक में नहीं है। उनके लिए मकान बनाना और महंगा हो गया है। सचिव खनन मीनाक्षी सुंदरम और दून के जिलाधिकारी आर राजेश कुमार ने यह आदेश किए हैं। आदेश में कहा गया है कि अगर हिमाचल बार्डर से रेत, बजरी और बोल्डर लाते हुए कोई ट्रक पकड़ा जाता है तो ऐसे वाहन को तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। उधर, ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के इस कदम को गलत बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रेत, बजरी और बोल्डर की आपूर्ति देशभर में कहीं भी नियमों के तहत की जा सकती है, लेकिन अधिकारियों ने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए मनमाना आदेश जनता पर थोप दिया, जो कि पूरी तरह गलत है। आगे पढ़िए
शासन के इस कदम से रेत-बजरी के रेट कितने बढ़े हैं। ये भी जान लें। हिमाचल से सप्लाई के दौरान रेत का एक टन 80 रुपये का था जो अब 120 रुपये तक पहुंच गया है। इस तरह देहरादून में रेत 40 रुपये प्रति टन महंगी हो गई है। सरिया के दाम 1500 रुपये बढ़ गए हैं। फरवरी में 6700 रुपये प्रति कुंतल बिकने वाले सरिया की कीमत मार्च आते-आते 8200 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह ईंट के एक ट्रक के रेट 4500 से 5000 के बीच थे। अब यह रेट 5000 से 6000 के बीच हो गए हैं। बता दें कि राज्य में हर दिन बड़ी मात्रा में हिमाचल प्रदेश से रेत, बजरी और बोल्डर की आपूर्ति होती है। पांवटा से ही 500 से अधिक ट्रक रोजाना रेत-बजरी लेकर उत्तराखंड आते हैं। लेकिन सरकार ने अब इस पर रोक लगा दी है। कुल मिलाकर uttarakhand में अब घर बनाना (house building) expensive हो गया है।