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चमोली: चमोली के डिम्मर गांव के रहने वाले 1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस) के अधिकारी आलोक अमिताभ डिमरी अब ब्रुनेई में भारत के राजदूत बने हैं।
ब्रुनेई में भारत के नाते राजदूत बने आलोक अमिताभ डिमरी इससे पूर्व किर्गिस्तान व ताइवान में भारत के राजदूत रह चुके हैं। उनको सितंबर 2018 में किर्गिस्तान में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर थे।किर्गिस्तान समेत अन्य राष्ट्रों में भारत के राजदूत रहे चमोली के ब्रुनेई में भारत के राजदूत नियुक्त होने पर उन्होंने नई दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से कार्य शिष्टाचार भेंट कर तैनाती पत्र प्राप्त किया। आलोक अमिताभ डिमरी के ब्रुनेई में भारत के राजदूत बनने पर चमोली जिले में खुशी का माहौल है। 1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस) के अधिकारी डिमरी को सितंबर 2018 में किर्गिस्तान में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर थे। आलोक अमिताभ डिमरी चमोली के डिम्मर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता जयानंद डिमरी शिक्षक और प्रधानाचार्य रह चुके हैं। गोपेश्वर इंटर कालेज में आलोक अमिताभ डिमरी के पिता जयानंद डिमरी प्रधानाचार्य रह चुके हैं। आलोक अमिताभ डिमरी ने प्राइमरी शिक्षा उत्तर काशी में प्राप्त की। उसके बाद अलग अलग स्थानों पर शिक्षा लेने के बाद उन्होंने डीयू के हंसराज कालेज से बीएससी और फिर जे एनयू से शिक्षा प्राप्त की। उत्तराखंड को लेकर उनका काफी झुकाव रहा है। वह हिल-मेल द्वारा 2017 में देहरादून में आयोजित रैबार के पहले संस्करण में शामिल हुए थे। इसके अलावा वह हिल-मेल के ऑनलाइन शो में भी नियमित तौर पर जुड़ते हैं।