Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
टिहरी गढ़वाल: नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर आई है। टिहरी में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर के दर्शन अब आसान होंगे।
भक्तों का सफर रोमांचक होने जा रहा है, क्योंकि अब वो रोपवे के माध्यम से मंदिर तक पहुंच सकेंगे। सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर सुरकुट पर्वत पर स्थित है। मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कद्दूखाल से डेढ़ किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है, अब ये समस्या दूर होने वाली है। लंबे समय से निर्माणधीन रोपवे का काम लगभग पूरा हो गया है। बृहस्पतिवार को ब्रिडकुल के इंजीनियरों ने तकनीकी निरीक्षण किया और इसे सभी मानकों पर खरा पाया। रोपवे शुरू करने के लिए अब प्रशासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। सीएम की ओर से रोपवे का लोकार्पण कराया जाएगा। उड़न खटोला सेवा शुरू होने के बाद देवी भक्त कद्दूखाल से पांच मिनट का सफर कर मंदिर पहुंच सकेंगे।
मां सुरकंडा देवी के दर्शन के लिए सालभर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहती है। करीब 2800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। असमर्थ बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चों की समस्या को ध्यान में रख और अन्य श्रद्धालुओं की राह आसान करने के लिए वर्ष 2015-16 में पर्यटन विभाग ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में यहां 32 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माण की मंजूरी दी थी। यहां 525 मीटर लंबे रोपवे में छह टावरों के सहारे 16 ट्रॉलियां संचालित की जाएगी। एक केबिन में छह लोग सफर कर सकेंगे, जिससे एक समय में 96 लोग एक साथ सफर कर सकते हैं। मंदिर तक आसानी से पहुंचने के लिए रोपवे का ट्रायल पिछले दिनों सफल रहा। तकनीकी जांच का काम भी पूरा हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी जांच में रोपवे सही पाया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो इस नवरात्र के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी Surkanda Devi Ropeway का लोकार्पण कर सकते हैं।