उत्तराखंड में 6 बड़े रोपवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, पहले से कहीं सुगम होगी चारधाम यात्रा.. पढ़ें पूरी रिपोर्ट

पर्यटन और धार्मिक यात्रा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 50 रोपवे प्रोजेक्ट्स में से 6 प्रमुख रोपवे परियोजनाओं को तत्काल प्राथमिकता और हरी झंडी दे दी गई है।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Char Dham Ropeway: 6 major ropeway projects approved in Uttarakhand
Image: 6 major ropeway projects approved in Uttarakhand

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड सरकार ने राज्यभर में लंबे समय से प्रस्तावित 50 रोपवे प्रोजेक्ट्स में से 6 प्रमुख परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। केदारनाथ, यमुनोत्री, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे धार्मिक स्थलों के लिए रोपवे निर्माण से चारधाम यात्रा बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगी।

6 major ropeway projects approved in Uttarakhand

इन 6 रोपवे परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम यात्रा, पर्यटन, स्थानीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आने की उम्मीद है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार जिन 6 रोपवे परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता दी गई है, उनमें शामिल हैं—
1. केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट: यह प्रोजेक्ट यात्रियों को चढ़ाई और कठिन ट्रैक से राहत देगा। यात्रा समय कई घंटों से घटकर कुछ मिनट रह जाएगा।
2. यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट: चारधाम में से एक सबसे कठिन मार्ग को रोपवे से काफी हद तक सुरक्षित और सुगम बनाया जाएगा।
3. बदरीनाथ क्षेत्र के लिए नया रोपवे कॉरिडोर: यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देगी और क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा को बेहतर करेगी।
4. नैनीताल–भीमताल रोपवे कनेक्शन: कुमाऊँ में पर्यटन को नया आयाम देने वाली परियोजना, जो झीलों के शहर को बेहतर परिवहन सुविधा देगी। आगे पढ़िए..

5. मसूरी–देहरादून रोपवे विस्तार प्रोजेक्ट: पहले से प्रस्तावित योजना में सुधार कर इसे प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल किया गया है, जिससे ट्रैफिक जाम और भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी।
6. हेमकुंड साहिब रोपवे: सिख श्रद्धालुओं के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक तक पहुंचना अब और आसान होगा। बर्फबारी और मौसम के कारण बाधित होने वाली यात्रा को भी इससे सहूलियत मिलेगी।

चारधाम यात्रा पर बड़ा प्रभाव

इन रोपवे प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद पैदल यात्रियों को कठिन चढ़ाई से राहत मिलेगी, साथ ही यात्रा समय 60–70% तक घट जाएगा। दुर्घटनाओं और सड़क बाधाओं में कमी आएगी और वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए यात्रा सुरक्षित होगी। चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। रोपवे प्रोजेक्ट उनके लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकते हैं।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

रोपवे प्रोजेक्ट्स से पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन आय बढ़ेगी, स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी, होटल, ट्रांसपोर्ट और बाजार गतिविधियां तेज होंगी और विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के GDP में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

काम शुरू, दो परियोजनाओं के टेंडर भी जारी

प्राथमिकता सूची से जुड़े दो रोपवे प्रोजेक्ट्स के लिए टेंडर और कार्य आवंटन भी शुरू हो चुका है। सरकार के अनुसार वर्ष 2026 से इन परियोजनाओं पर तेजी से निर्माण देखने को मिलेगा।