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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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चमोली: बात जब देश सेवा की हो तो उतराखंड का कोई मुकाबला नहीं। यहां के वीर जवान देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने को हर वक्त तैयार रहते हैं। जब भी देश पर खतरा मंडराया है, यहां के जांबाजों ने अपनी जान पर खेलकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए हैं।
आज हम आपको उत्तराखंड के दो ऐसे ही जांबाज भाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं। यह दोनों भाई एक साथ सेना में भर्ती हुए। सेना में रहकर भारत माता की सेवा की और दोनों एक साथ सेना से रिटायर होकर सुरक्षित घर लौट आए हैं। हम बात कर रहे हैं फौजी दिनेश बिष्ट और नरेंद्र बिष्ट की। दोनों चमोली स्थित कांसुवा ग्रामसभा के तलोंजा गांव के रहने वाले हैं। दिनेश और नरेंद्र सगे भाई हैं। 27 साल पहले देशसेवा का सपना लिए दोनों ने एक साथ फौज ज्वाईन की थी। इसे अद्भुत संयोग ही कहा जाएगा कि 27 साल पहले सेना में भर्ती होने के बाद दोनों का जो सफर साथ शुरू हुआ था, उसने 27 साल बाद साथ में ही विराम लिया। बीते दिनों दोनों जांबाज बेटे जब रिटायरमेंट के बाद गांव लौटे तो पूरे गांव में जश्न का माहौल था। रिटायरमेंट के बाद बेटों के गांव लौटने पर मां गर्व से फूली नहीं समा रही थी। बेटों को सीने से लगाते हुए उनकी आंखें छलछला गईं। गांव वाले और परिजन खुश भी थे और भावुक भी। पहाड़ के वीर सपूत दिनेश बिष्ट और नरेंद्र बिष्ट को सोशल मीडिया पर रिटायरमेंट की बधाईयां मिल रही हैं। राज्य समीक्षा टीम की और से भी उन्हें शुभकामनाएं। हम दोनों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।