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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी का एक और प्रयास रंग लाया है। उन्होंने यह फिर से साबित कर दिया है कि वे जनता के नेता हैं।
बलूनी के ही प्रयास की वजह से मोहन्ड डाट काली मंदिर मार्ग में क्षेत्र में मोबाइल की आवाज गूंज उठी जहां आजादी के बाद से अभी तक कोई भी सरकार मोबाइल टॉवर नहीं लगा पाई थी। सांसद बलूनी इसे लेकर कई दिनों से प्रयासरत थे। अब जल्द यहां भी मोबाइल कनेक्टिविटी मिलने लगेगी। इसके साथ ही इस इलाके में मोबाइल टावर लगने से पुलिस को भी फायदा होगा। अब राजधानी दून से रफ्फूचक्कर होकर छिपने वाले अपराधियों पर भी पुलिस नजर रख सकेगी और उनकी लोकेशन ट्रेस कर सकेगी। दरअसल यूपी के अधिकतर बदमाश डाटकाली मंदिर के बाद पुलिस को चकमा देकर भागने में अक्सर कामयाब रहते थे। ऐसे में अब पुलिस भी इस इलाके में बदमाशों पर नजर रख सकती है।
बता दें कि इस क्षेत्र में लंबे समय से मोबाइल टावर बनाने के लिए राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी प्रयासरत थे और उनके प्रयास से आखिरकार क्षेत्र में मोबाइल टावर लग गया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आपके साथ एक शुभ समाचार साझा कर रहा हूँ। आजादी के बाद पहली बार नेटवर्क कनेक्टिविटी से मोहन्ड डाट काली मंदिर मार्ग जुड़ जाएगा। आश्चर्य की बात है कि उत्तराखंड हो या यूपी अभी तक आजादी के बाद जितनी भी सरकारें आई किसी भी सरकार ने इस समस्या का समाधान नहीं किया, लेकिन राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी का एक और प्रयास धरातल पर उतरा है। इस इलाके में पहला टॉवर आज से शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि 10 दिन के भीतर इस मार्ग पर 2 और नेटवर्किंग टॉवर लगा दिए जाएंगे। और इसी का नतीजा होगा कि मोहन्द डाट काली मंदिर-सहारनपुर रोड इस सुविधा के बाद अब और भी सुरक्षित हो जाएगा। कुल मिलाकर कहें तो dehradun में dat kali और mohand के बीच मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत नहीं होगी। सांसद बलूनी की पहल से पहला Mobile Tower लग गया है।