Lakhwar-Vyasi dam project के डूब क्षेत्र में Lohari village आ रहा था। यहां 71 परिवार रहते थे।
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कोमल नेगी
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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Lakhwar-Vyasi dam project Lohari village submerged
देहरादून: विकासनगर का लोहारी गांव अब सिर्फ यादों में जिंदा रहेगा।
Lakhwar-Vyasi dam project Lohari village submerged
सोमवार को लोहारी गांव ने सैकड़ों ग्रामीणों की आंखों के सामने जल समाधि ले ली, ताकि शहर और गांवों को बिजली मिल सके। वो रोशन और आबाद हो सकें। इस दौरान कई भावुक कर देने वाली तस्वीरें देखने को मिलीं। एक तरफ यमुना का वेग था तो दूसरी ओर ग्रामीणों के आंसुओं का सैलाब। अपने घरों और अपनी जमीनों को जलमग्न होता देख, लोग रो पड़े। लोहारी गांव लखवाड़-व्यासी बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में आता है। इस गांव में लगभग 71 परिवार रहते थे, जिनको सरकार अब विस्थापित कर रही है। व्यासी जलविद्युत परियोजना के लिए बनाए गए डैम में पानी भरने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। 120 मेगावाट की यह जल विद्युत परियोजना प्रदेश को बिजली की समस्या से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पानी का स्तर बढ़ने के साथ ही डूब क्षेत्र में आए लोहारी गांव में सोमवार को पानी आ गया है।
लगातार बढ़ते जलस्तर ने गांव के मकान, गौशाला, खेत-खलिहानों व पार्क आदि को अपने आगोश में ले लिया। गांव को कई दिन पहले ही खाली करा लिया था। गांव में रहने वाले परिवारों को गांव में ही ऊंचाई पर बने एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय व जलविद्युत निगम की कालोनी के 12 अन्य मकानों में शिफ्ट किया गया है। परियोजना के प्रभारी अधिकारी व जलविद्युत निगम के सहायक महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने बताया कि व्यासी डैम में पानी का स्तर फिलहाल 629 मीटर पहुंच गया है। जबकि देर रात तक जलस्तर के निर्धारित 631 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश को परियोजना से बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को निर्धारित मुआवजा व अन्य तमाम प्रकार के देय का भुगतान पहले ही कर दिया गया है। उधर, प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि वह बांध के ऊपर ही आसपास किसी जगह पर बसना चाहते हैं, ताकि उनकी यादें इस पहाड़ी और पहाड़ से जुड़ी रहें। Lakhwar-Vyasi dam project के डूब क्षेत्र में Lohari village आ रहा था। यहां 71 परिवार रहते थे।