हे भगवान! गढ़वाल के मूंगलोड़ी गांव में हो रही थी अफीम की खेती, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Tehri Garhwal के Moonglodi village में Opium cultivation का खुलासा हुआ है। पहाड़ में अब ड्रग तस्करी बड़ा मर्ज बन गया है।
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tehri garhwal Opium cultivation: Opium cultivation in Moonglodi village of Tehri Garhwal
Image: Opium cultivation in Moonglodi village of Tehri Garhwal

टिहरी गढ़वाल: कभी शराबखोरी के लिए बदनाम रहे पहाड़ में अब ड्रग तस्करी बड़ा मर्ज बन गया है। और तो और पहाड़ी इलाकों में अफीम की खेती होने लगी है।

Opium cultivation in Tehri Garhwal

ऊधमसिंहनगर और उत्तरकाशी के बाद टिहरी में अफीम की खेती का मामला सामने आया है। यहां दूरस्थ गांव मूंगलोड़ी में अफीम की खेती हो रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने अफीम की खेती को नष्ट किया। साथ ही खेत के मालिक सीताराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मूंगलोड़ी गांव थत्यूड़ थाना क्षेत्र में है। यहां पहुंचने के लिए 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। पिछले दिनों पुलिस को खबर मिली की यहां 0.020 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से अफीम की खेती हो रही है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी और थत्यूड़ थानाध्यक्ष मनीष नेगी पुलिस टीम के साथ नागटिब्बा ट्रेकिंग मार्ग पर कई किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ी पर पहुंचे।

वहां पटवारी और ग्राम प्रधान से पूछताछ की तो पता चला कि ये खेत सीताराम पुत्र उत्तम सिंह का है। खेत में अफीम के पौधे लगे थे। पुलिस ने राजस्व अधिकारियों व ग्राम प्रधान के समक्ष अफीम की फसल को नष्ट किया। इस कामयाबी पर टिहरी एसएसपी ने पुलिस टीम को नकद 25 हजार रुपये का इनाम दिए जाने की घोषणा की है। नष्ट की गई अफीम की फसल की कीमत लगभग 1.35 लाख रुपये आंकी गई है। खेत का मालिक सीताराम फिलहाल फरार है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बता दें कि टिहरी के अलावा उत्तरकाशी और ऊधमसिंहनगर में भी अफीम की खेती के मामले सामने आ चुके हैं। यहां आरोपियों ने दूसरी फसलों के बीच में अफीम के पौधे लगाए हुए थे, ताकि किसी को शक न हो। अफीम की खेती करने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।