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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हल्द्वानी: तकनीक के इस दौर में सबकुछ फास्ट और एडवांस हो चुका है। आजकल बच्चे दोस्तों और मैदान में खेलने की जगह अपने मोबाइल फोन में वीडियो गेम खेलना ज्यादा पसंद करते है। उन्हें बस अपने एक कमरे में बंद होकर वीडियो गेम्स खेलना पसंद आता है। कई वीडियो गेम्स इस कदर खतरनाक होते हैं कि आपके बच्चे कब उनके एडिक्ट बन जाएं आप यह समझ ही नहीं पाएंगे। यह वीडियो गेम्स आपके बच्चों के लिए जानलेवा भी साबित होते हैं।
हल्द्वानी में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। बीते 6 दिन से हल्द्वानी का सजल कुमार लापता है। बताया जा रहा है कि सजल ग्रेना फ्री फायर गेम का अडिक्टिव था। यह गेम बिल्कुल पब्जी की तरह ही है और भारत समेत पूरे विश्व भर के सैकड़ों बच्चे इस गेम के पीछे पागल हो रखे हैं। लापता होते समय भी वह अपने फोन पर गेम खेल रहा था। वह अपनी मां के साथ मॉर्निंग वॉक के लिए आया था और अचानक ही पार्क में गेम खेलते हुए लापता हो गया। पुलिस अभी तक सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुकी है, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने बेटे की सकुशल बरामदगी को लेकर एसएसपी पंकज भट्ट से मुलाकात की है। साथ ही उनके बेटे को खोजने की गुहार भी लगाई है। परिजनों की मानें तो सजल मोबाइल में ग्रेना फ्री फायर गेम खेलने का शौकीन था। आगे पढ़िए
गौर हो कि बीते 24 अप्रैल को 15 वर्षीय सजल कुमार अपने मां के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकला था। जहां से वो अचानक लापता हो गया था परिजन उसकी तलाश के लिए धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि सजल अपने साथ मोबाइल भी साथ ले गया है। उसका मोबाइल बंद होने के कारण लोकेशन नहीं मिल पा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ग्रेना फ्री फायर गेम में 30 अप्रैल से गेम प्रतियोगिता होनी है। इस गेम को जीतने पर 60 लाख का इनाम भी रखा गया है। ऐसे में बहुत से बच्चे इस गेम को खेल रहे हैं। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि संभवतः किशोर सजल फ्री फायर गेम के वजह से लापता हैं। इस गेम को खेलते हुए बच्चे सब कुछ भूल अपने धुन में खो जाते हैं। वहीं एसएसपी नैनीताल पंकज भट्ट ने बताया कि फोन बंद होने की वजह से बच्चे की अभी तक कोई लोकेशन नहीं मिल पाई है। अभी तक 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा चुके हैं। आखिरी बार वह गजरौला में वह पानी पीते हुए दिखाई दिया था।पुलिस और एसओजी की टीम बच्चे की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल खुलते ही लोकेशन ट्रेस कर ली जाएगी।