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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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हल्द्वानी: हल्द्वानी का राजकीय मेडिकल कॉलेज पिछले लंबे समय से सुर्खियों में बना हुआ है।
ये कॉलेज इलाज के लिए तो नहीं लेकिन दूसरे विवादों के लिए अक्सर चर्चा में रहता है। कभी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों की रैगिंग की जाती है तो कभी उन्हें गंजा कर परिसर में घुमाया जाता है। इस बार यहां एक सीनियर ने जूनियर को थप्पड़ जड़ दिया। फिलहाल मामले को मारपीट से जोड़कर त्वरित कार्रवाई कर इंटर्न को इंटरर्नशिप से निष्कासित कर दिया गया है। घटना शुक्रवार की है। मेडिकल कॉलेज में सीनियर ने जूनियर को थप्पड़ मार दिया, मामले को मारपीट से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना के बाद इंटर्न को इंटर्नशिप से हटा दिया गया है। विवाद को लेकर जूनियर छात्र का कहना है कि इंटर्न डॉक्टर ने उसे नमस्ते न कहने पर टोका था। बस इतनी सी बात पर दोनों के बीच बहस हो गई। बात-बात में इंटर्न ने तैश में आकर उसे थप्पड़ मार दिया।
एंटी रैगिंग कमेटी के समक्ष जूनियर छात्र ने इंटर्न डॉक्टर पर रैगिंग का आरोप भी लगाया है। हालांकि कॉलेज प्रशासन इस घटना को रैगिंग मानने से इनकार कर रहा है। कॉलेज के अधिकारियों ने मामले को मारपीट से जुड़ा माना है, इसी के तहत इंटर्न डॉक्टर पर कार्रवाई हुई है। मारपीट की सूचना पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी समेत वार्डन और अन्य लोगों ने बीती रात को हॉस्टल में ताबड़तोड़ छापे मारे। कमरे का निरीक्षण करने पर वहां तोड़फोड़ के सबूत भी मिले। बाद में जूनियर छात्र से पूछताछ की गई। बहरहाल अनुशासन समिति ने अनुशासन का पालन न करने पर अर्थदंड की सीमा 30000 रुपये कर दी है। आपको बता दें कि दो महीने के अंतराल में राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में अराजकता की दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पहली घटना मार्च में हुई थी, जब एमबीबीएस के छात्रों को गंजा कर परिसर में घुमाया गया। शुक्रवार को यहां एक जूनियर छात्र से मारपीट की गई। हालांकि मामला मारपीट का था या रैगिंग का, ये जांच के बाद ही पता चल पाएगा।