पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव पहुंचे योगी आदित्यनाथ के चेहरे में पहाड़ी भोजन करने के बाद जो खुशी दिखाई दी, वो शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।
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कोमल नेगी
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Image: Yogi Adityanath in Panchur village of Pauri Garhwal update
पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ी खान-पान पौष्टिकता का खजाना है। बात स्वाद की हो या फिर सेहत की, ये हर पैमाने पर खरे उतरते हैं। तभी तो कोई पहाड़ी चाहे सात समंदर पार चला जाए, लेकिन फाणू, बाड़ी या मंडुवे-झंगोरे का स्वाद वो कभी नहीं भूलता। इन दिनों यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड दौरे पर हैं।
Yogi Adityanath in Panchur village of Pauri Garhwal
इस दौरान उन्हें अपने बचपन से जुड़ी पुरानी यादें ताजा करने का अवसर मिला, साथ ही फाणू और बाड़ी का स्वाद लेने का भी। पहाड़ी भोजन करने के बाद उनके चेहरे पर जो खुशी दिखाई दी, वो शब्दों में नहीं बयां की जा सकती। मंगलवार को योगी आदित्यनाथ ने पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के गोरक्षनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ महाराज की मूर्ति का अनावरण किया। कार्यक्रम में जनता से संवाद करते हुए योगी आदित्यनाथ बोले कि आज उन्होंने 35 साल बाद फाणू और बाड़ी खाया है। ये खाकर बहुत अच्छा लगा। क्योंकि अक्सर मैं ये बचपन में खाता था और ये हमारा परंपरागत व्यंजन है। आगे पढ़िए
सीएम योगी ने बताया कि सतपाल महाराज महंत अवैद्यनाथ के प्रिय रहे हैं। महाराज जी ने मुझे बताया था कि सतपाल महाराज ने एक बार उन्हें हरिद्वार कुंभ मेले में फाणू और बाड़ी खिलाया था। महाराज जी अक्सर इस बात को कहते थे। आज मैंने ये बात सतपाल महाराज को भी बताई। कार्यक्रम के बाद सीएम योगी अपने पैतृक गांव पंचूर गए और अपनी मां से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। यहां आपको फाणू और बाड़ी व्यंजन की विशेषता भी बताते हैं। फाणू को कई तरह की दाल और गहथ से बनाया जाता है। दाल को रातभर भिगोकर इसकी स्मूदी तैयार की जाती है। जब पीसी हुई गहथ अच्छे से गाढ़ी हो जाए तब उसमें बारीक टमाटर, प्याज, अदरक, लहसुन आदि डालकर इसे अच्छी तरह पकाया जाता है। फाणू गढ़वाल क्षेत्र का प्रमुख व्यंजन है। इसी तरह बाड़ी को मंडवे के आटे में नमक, लाल मिर्च पाउडर मिलाकर हलवे की तरह गाढ़ा पकाया जाता है। इसे लोहे की कढ़ाई में बनाया जाता है। बाड़ी-फाणू न केवल अपने स्वाद के लिए लोकप्रिय हैं, बल्कि इनमें कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। जिस वजह से ये गढ़वाल के सबसे लोकप्रिय व्यंजन हैं।