पुलिस ने बताया कि दस साल के इस बच्चे ने मजाक-मजाक (प्रैंक) में एक अनजान नंबर मिला दिया था। हालांकि डॉ. कुच्छल पुलिस के खुलासे से सहमत नहीं हैं।
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कोमल नेगी
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Image: 10 year old boy asked for extortion of 3 crores in Haldwani
हल्द्वानी: हल्द्वानी में एक डॉक्टर हैं वैभव कुच्छल। निजी अस्पताल के मालिक हैं। पिछले दिनों एक अनजान फोन कॉल ने डॉक्टर साहब की नींद उड़ा दी। फोन करने वाले ने तीन करोड़ की रंगदारी मांगी थी और न देने पर डॉक्टर के बेटे के अपहरण की धमकी दी थी।
10 year old boy asked for extortion money in haldwani
मामला गंभीर था, इसलिए पुलिस ने तुरंत तफ्तीश शुरू कर दी। कॉल करने वाले नंबर की डिटेल निकाली गई तो धमकी देने वाला एक बच्चा निकला, जिसकी उम्र सिर्फ दस साल है। वो कक्षा तीन में पढ़ता है। पुलिस ने बताया कि दस साल के इस बच्चे ने मजाक-मजाक (प्रैंक) में एक अनजान नंबर मिला दिया था। हालांकि डॉ. कुच्छल पुलिस के खुलासे से सहमत नहीं हैं। ईएनटी सर्जन डॉ. वैभव कुच्छल रामपुर रोड मानपुर उत्तर क्षेत्र में अस्पताल चलाते हैं। सोमवार को उन्हें कॉल कर 3 करोड़ की रंगदारी मांगी गई। इस घटना से जिले भर में खलबली मच गई थी। एसएसपी ने डॉक्टर के घर पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी। जांच में पता चला कि फोन हापुड़ से किया गया था। जिसके बाद मंगलवार रात एक फर्नीचर कारोबारी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि कॉल कारोबारी के 10 साल के बेटे ने किया था। आगे पढ़िए
हल्द्वानी पुलिस कारोबारी और उसके बेटे को रात में ही हल्द्वानी ले आई। यहां पूछताछ में बच्चे ने हैरान करने वाली बात बताई। बच्चे ने कहा कि उसने टोनी कक्कड़ का गाना सुन रखा था। टोनी के ‘नंबर लिख’ शीर्षक वाले गाने में एक लाइन है, नंबर लिख 98971 हमको अंग्रेजी आती है कम, डम डिगा डम डिगा डम...। डॉक्टर वैभव कुच्छल का मोबाइल नंबर भी 98971...21 है। इस पर कॉल लगने पर उसने मजाक में ही रंगदारी की बात कह दी। बच्चे ने वह पूरा डायलॉग भी बोला, जो उसने फोन पर डॉक्टर से कहा था। बच्चे ने कहा कि उसने सिर्फ मजाक किया था। वैभव अंकल अगर दिमाग के डॉक्टर होते तो उसे समझ जाते, गले के डॉक्टर हैं इसलिए मेरे गले पड़ गए। पता चला है कि बच्चा कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ता है, हर क्लास में टॉप करता है। मोबाइल गेम और तकनीक के मामले में भी उसका कोई सानी नहीं। पुलिस बच्चे द्वारा कॉल किए जाने की बात कह रही है, लेकिन डॉ. वैभव बच्चे की आवाज और मोबाइल पर सुनी गई आवाज को एक नहीं मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2007 में उनकी मां विजय लक्ष्मी कुच्छल की घर में हत्या कर बदमाशों ने लूटपाट की थी। उस घटना से रंगदारी मांगने के तार जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की गहन जांच करने की मांग की है। उधर पुलिस ने बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया। कमेटी ने काउंसलिंग के बाद उसे उसके पिता की सुपुर्दगी में दे दिया है।