Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
उत्तरकाशी: केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा शुरू होते ही वहां से लगातार बुरी खबरें सामने आ रही हैं।
यात्रा शुरू होते ही लगातार वहां श्रद्धालुओं की मौत हो रही है। बीते दिन यहां तीन और श्रद्धालुओं की मौत हो गई है जिसके बाद यह आंकड़ा 40 पहुंच गया है। बीते सोमवार को केदारनाथ धाम में दो जबकि बदरीनाथ में एक श्रद्धालु की मौत हुई। यात्रा शुरू होने के बाद से चारों धामों में मरने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 40 पहुंचा गया है। तीन श्रद्धालुओं की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। इसमें केदारनाथ धाम में दो और बदरीनाथ धाम में एक श्रद्धालु की हृदयगति रुकने से मौत हुई। इसके साथ ही अब तक चार धाम यात्रा में मरने वालों की संख्या 40 पहुंच गई है।रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवाल ने बताया कि बीती रविवार को 55 वर्षीय टीएम कृष्णास्वामी निवासी बेंगलुरु कर्नाटक की रविवार को तबीयत खराब हो गई। आगे पढ़िए
टीएम कृष्णास्वामी को आनन-फानन में केदारनाथ अस्तपाल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं बीते सोमवार को 64 वर्षीय विमला बेन निवासी कच्छ गुजरात की भी केदारनाथ धाम को जाते हुए अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। केदारनाथ धाम में मरने वालों की संख्या 15 पहुंच गई है। तो वहीं बदरीनाथ धाम में मरने वालों का आंकड़ा आठ पहुंच गया है। चमोली के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि बदरीनाथ धाम में 56 वर्षीय मुंबई निवासी पारस पटेल की सोमवार को हृदय गति रुकने से मौत हो गई। जिसके बाद बदरीनाथ धाम में मरने वालों का आंकड़ा आठ हो गया है। गंगोत्री धाम में 4 और यमुनोत्री धाम में कुल 13 श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई है।